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किडनी ट्रांसप्लांट के बाद परहेज़ काफी ज़रूरी होता है। ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को लेकर घर वाले थोड़े चिंतित होते हैं कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद का आहार कैसा होना चाहिए तथा किडनी ट्रांसप्लांट के बाद क्या खाना चाहिए (kidney transplant ke baad kya khana chahiye) यह भी जानना महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा किडनी ट्रांसप्लांट के बाद क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए इसके बारे में भी पूरी जानकारी होना आवश्यक है।

आम तौर से इन सभी बातों के बारे में डॉक्टर अच्छे से बता देते हैं। इस आर्टिकल में भी हम इस विषय में पूरी जानकारी देंगे। तो इसे अच्छे से समझने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद का आहार – diet chart after kidney transplant in hindi

किडनी ट्रांसप्लांट (kidney transplant ke bad) के बाद ज़रूरी है की मरीज़ निश्चित रूप से हॉस्पिटल से आने के बाद प्रत्येक दिन 2 से 2.5 लीटर पानी पीएं। गर्मी के मौसम में यह मात्रा 3 से 3.5 लीटर के बीच होना चाहिए। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद कम भूख लगना आम बात है।

किसी भी बड़े ऑपरेशन कद बाद ऐसा सामान्य रूप से होता है। इस बारे में चिंता न करें तथा वह खाएं जो आपको ठीक लगता है। अगर किडनी ट्रांसप्लांट के बाद आपका किडनी ठीक ढंग से काम कर रहा है, तो आपको खान-पान से जुड़े किसी खास रोक की ज़रूरत नही है। फिर भी आपको किडनी ट्रांसप्लांट के बाद परहेज़ करना पड़ता है। इस लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है :

• कच्चा सब्जी, सलाद या दही न खाएं
• फल हमेशा छील कर तथा अच्छी तरह से धो कर खाएं
• अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज़ है, तो नमक का सेवन कम से कम या न ही करें।
• डायबिटीज से ग्रस्ति व्यक्ति को शुगर लेवल नियंत्रित करने लिए डॉक्टर/डायटीशियन द्वारा बताए अनुसार ही खाना लेना चाहिए।
• दिन भर में 3 बार नियमित रूप से भोजन करें। भोजन में हमेशा संतुलित आहार लें। ध्यान रखें की आप जो खा रहे हैं, वह अच्छे गुणवत्ता का हो।
• अगर आप उचित आहार लड़ रहे हैं तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नही है।


• भोजन में बिना रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन अधिक करें। बिना रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का के स्रोत का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत फल, सब्जियां, साबुत अनाज, बिन्स, जौ, ब्राउन राईस इत्यादि है।
• फल के जूस पीने से अच्छा ताज़ा फल खाना अधिक लाभकारी है।
• अगर ट्रान्सप्लांट के बाद किडनी ठीक ढंग से काम कर रहा है तो आप पोटेशियम युक्त पदार्थ का भी सेवन कर सकते हैं। पोटेशियम के लिए आप केला तथा ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं।
• भोजन में मांसाहार से अधिक सब्जियों को प्राथमिकता दें। मांसाहार के रूप में आप मीट खा सकते हैं। लेकिन पहले मीट से वसा को पूरी तरह हटा दें। चिकेन का उपयोग केवल त्वचा हटाने के बाद ही करें। ध्यान रखें की मांसाहार का सेवन कम ही करें।

● शराब न पिएँ

शराब पीने से आपको लिवर की समस्या हो सकती है। इसके अलावा आप डिहाइड्रेशन के शिकार हो सकते हैं। डिहाइड्रेशन आपके प्रत्यारोपित किडनी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

ध्रूमपान न करें

ध्रूमपान आपके जीवन काल को कम कर देता है। इसके साथ ही यह आपके प्रत्यारोपित किडनी पर भी काफी बुरा प्रभाव डालता है। इससे प्रत्यारोपित किडनी का भी जीवन काल कम हो जाता है। इसलिए अगर आपको ध्रूमपान करने की आदत है, तो इसे छोड़ने के लिए आप हर संभव कोशिश करें।

वज़न बढ़ना

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद वज़न बढ़ना काफी आम बात है। ऐसा इसलिए होता है, क्यों की किडनी ट्रांसप्लांट के बाद आप सामान्य महसूस करने लगते हैं। इसलिए आपको खाना भी ठीक लगने लगता है तथा आप ठीक ढंग से खाने लगते हैं। इसके अलावा प्रत्यारोपण के बाद मरीज़ को एंटी रिजेक्शन दवाएं दी जाती है। इसके सेवन से भूख बढ़ सकता है। इस कारण मरीज़ अधिक खाना खाने लगता है। इसके फलस्वरूप उसका वज़न बढ़ने लगता है।

वजन को बढ़ने से रोकने के लिए कुछ सुझाव – Method to Control weight gain after kidney transplant in Hindi

अधिक कैलोरी वाले भोजन जैसे की मिठाइयां, साबुत अनाज, चावल तथा तले हुए भोजन इत्यादि खाने से बचें।

वजन न बढ़े, इसके लिए बहुत ज़रूरी है की नियमित रूप से व्यायाम किया जाए।

● किडनी ट्रांसप्लांट के बाद व्यायाम के फायदे – Exercise After Kidney Transplant in Hindi

अलग अलग व्यायाम के साथ साथ किडनी ट्रांसप्लांट के बाद योग भी काफी फायदा पहुंचाता है। इस लिए डॉक्टर के सुझाव के आधार पर किडनी ट्रांसप्लांट के बाद योग पर विशेष ध्यान देनी चाहिए।

•व्यायाम मरीज़ों में, खास कर युवा उम्र के मरीज़ों में ब्लड प्रेशर कम करने में काफी मददगार साबित होता हैं।
•व्यायाम ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।
• व्यायाम लिपिड प्रोफ़ाइल को बेहतर करता है। यह खास कर हृदय रोग से ग्रसित मरीज़ के लिए काफी लाभदायक साबित होता है।
• व्यायाम मरीज़ के क्षमता को बढ़ता है, ऊर्जा के स्तर को बढ़ता है तथा मरीज़ के मनोबल को भी ऊंचा करता है।
• व्यायाम करने से मरीज़ के स्वभाव में अच्छे बदलाव देखने को मिलते हैं।
• व्यायाम मरीज़ के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है तथा शरीर में सूजन को भी कम करता है।

व्यायाम के प्रकार

मरीज़ के स्वास्थ की स्तिथि, व्यायाम के लिए उपलब्ध सुविधाएं तथा मरीज़ के जीवनशैली के आधार पर विभिन्न प्रकार के व्यायाम किए जा सकते हैं।

• व्यायाम की शुरुआत एरोबिक प्रकार के व्यायाम जैसे की टहलना, दौड़ना, साइकिलिंग इत्यादि के साथ किया जा सकता है। कुछ समय बाद वजन के साथ किए जाने वाले व्यायाम किए जा सकते हैं।
• व्यायाम प्रत्येक दिन कम से कम 30 मिनट हफ्ते में 5 दिन करने चाहिए।
• किडनी ट्रान्सप्लांट करवा चुके व्यक्ति को अधिक भागदौड़ वाले खेलों में भाग लेने से बचना चाहिए।

किडनी ट्रान्सप्लांट के बाद कुछ करना कब शुरू करें – life after kidney transplant in hindi

सब कुछ ठीक रहने पर पहले चलना शुरू करें। इसके बाद आप हल्के व्यायाम कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें की अधिक तनाव वाले व्यायाम जैसे जॉगिंग, एरोबिक व्यायाम करने, वेटलिफ्टिंग करने या टेनिस खेलने इत्यादि से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर बात कर लें।

निम्नलिखित लक्षण दिखने पर व्यायाम करना तुरंत बंद कर दें :

• जोड़ों में दर्द होने या सीने में दर्द होने पर व्यायाम न करें।

• अगर आप डायबिटीज के मरीज़ हैं, तो अगर खून में ग्लूकोज का स्तर 300 एमजी डीएल से अधिक या 70 एमजी डीएल से कम हो गया है तो भी व्यायाम न करें।

निम्नलिखित चीज़ें करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर बात करें :

सफर पर जाने से पहले

अगर आप लंबी दूरी के सफर पर जा रहे हैं तो उससे पहले किडनी ट्रान्सप्लांट करने वाले टीम से ज़रूर मिल लें। क्यों की लंबे सफर की स्तिथि में आपको कुछ विशेष सावधानियां बरतनी होती है। जैसे –

• सफर से पहले कुछ खास किस्म की टीके लगवाने पड़ सकते हैं या कुछ एंटीबायोटिक लेने होंगे।
• आप जहां जा रहे हैं, उस स्थान से सबसे नज़दीकी किडनी ट्रांसप्लांट विभाग का पता पहले ही लगा लें। ऐसा किसी भी आपातकालीन स्तिथि से निपटने के लिए किया जाता है।
• अपने पूरे सफर के लिए अपने साथ आप अपने सभी दवाओं को साथ में रखें। साथ में कुछ अतिरिक्त दवाईयां भी रख लें।

किडनी ट्रान्सप्लांट के बाद घर जाने पर अगर आप निम्नलिखित लक्षण देखते हैं तो तुरंत संपर्क करें :

• 100.5 फारेनहाइट से अधिक तापमान
• सीने में दर्द, जल्दी – जल्दी सांस लेना, हृदय गति का काफी बढ़ जाना
• संक्रमण के लक्षण (लालीपन, सूजन, दर्द बढ़ जाना या पस आना)
• दवा खाते ही मतली या उल्टी आना या बिना खाए भी मतली या उल्टी आना
• ऑपरेशन वाले स्थान से गंदगी आना
• ऑपरेशन वाले स्थान पर चोट लग जाना
• दर्द की दवाओं के सेवन के बाद भी दर्द बढ़ जाना
• मल या मूत्र में खून आना
• तेज़ी से वजन घटना या बढ़ने लगना
• काले रंग के मल का होना
• पैर या घुटने के नीचे पैर के पिछले भाग में सूजन आ जाना या शरीर के एक हिस्से या चेहरे का सुन्न जो जाना
• देखने की क्षमता में अचानक बदलाव आ जाना
• बात करने में समस्या
• अचानक काफी तेज़ सिर दर्द

इम्यूनोस्प्रेसिव दवाईयां – immunosuppressive medicine in kidney transplant

• दवाई का सेवन बताए गए समय पर नियमित रूप से करें।
• किसी भी परिस्थिति में कण दवाओं का सेवन बंद न करें। अगर आपको किसी छोटे ऑपरेशन से, अल्ट्रासाउंड से या किसी अन्य जांच से गुज़रना है तथा डॉक्टर ने कुछ भी खाने पीने से मना कर दिया है, फिर भी तय समय पर कम पानी के साथ ये दवा ज़रूर लें।
• खुद को बेहतर महसूस करने के बाद भी अपनी मर्ज़ी से इन दवाओं का सेवन बंद न करें।
• अगर किसी दिन आप दवाई लेना भूल गए हैं तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।
• इन दवाओं का सेवन लंबे समय तक करना होता है इस लिए हमेशा अपने पास से कम 15 दिन का दवाई जमा कर के रखें।
• हमेशा डॉक्टर द्वारा लिखे गए ब्रांड की ही दवाई लें। अपनी मर्ज़ी से दवा का ब्रांड न बदलें।

टाइक्रोलिमस लेवल – Tacrolimus after kidney transplant

• इस दवा का स्तर हमेशा अपने खून में बनाए रखें। इसके स्तर की जांच के लिए नियमित रूप से खून जांच करवाते रहें। जांच के लिए इस दवाई के लेने से 10 से 15 मिनट पहले 3 एमएल खून का सैंपल जांच में दें।
• यह सुनिश्चित करें की डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर ही आपने अंतिम बार इस दवा का सेवन किया था।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें –

• अपने काम पर लौटने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर करें।
• अधिक समय तक न नहाएं, नहाते समय यह सुनिश्चित करें की पानी चीरे (इंसिजन) पर भी बहे। पानी को सीधे चीरे पर न डालें।
• चीरे पर गए पानी को सुखाने के लिए उसे रगड़े नही, बल्कि हल्के हांथो से उसे सुखाएं।
• अगर आपके पेट पर चीरा लगा है तो कम से कम 2 हफ्ते तक पानी भरे टब में न नहाएँ। इससे संक्रमण का खतरा है।
• संक्रमण से बचे तथा घाव को पूरी तरह भड़ने दें।
• ऑपरेशन के बाद 6 हफ्ते तक कुछ भी भारी न उठाएं। केवल सामान भरे एक छोटे झोले के बराबर ही भाड़ ही उठाएं। ऐसा भीतरी ऊतकों को ठीक से भड़ने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इस हिस्से के मांसपेशियों को भी अपनी ताकत वापस पाने में इतना समय लग जाता है।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टर से फिर कब मिलें?

• प्रत्यारोपण के पहले महीने में हफ्ते में 2 दिन डॉक्टर से मिलने की सलाह दी जाती है। इसके बाद स्तिथि के अनुसार डॉक्टर समय तय करते हैं।
• जब भी आप किसी अन्य बीमारी के लिए किसी दूसरे डॉक्टर के यहां जाएं तो उन्हें सबसे पहले अपने किडनी ट्रान्सप्लांट के बारे में ज़रूर बताएं।

● किडनी ट्रांसप्लांट के बाद घर पर भी अपने किडनी पर नज़र रखें

किडनी ट्रान्सप्लांट के बाद किडनी पर नज़र रखना ज़रूरी है। इसलिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें :

• आप प्रत्येक दिन कितना पानी पी रहे हैं।
• आप प्रत्येक दिन कितना मूत्र त्याग कर रहे हैं।
• अपने वज़न पर नज़र बनाए रखें।
• ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर पर भी ध्यान देते रहें।

इसके अलावा किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके व्यक्ति को यह सलाह दी जाती है की वह नियमित रूप से किडनी पर नज़र बनाए रखें तथा समय – समय पर किडनी के कार्य स्तिथि (फंक्शन) की जांच करवाते रहें।

नोट:- इस लेख में बताई गई बातों का पालन करने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह ले लें।

धन्यवाद

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