• Wed. Oct 20th, 2021

Arthritis exercise in hindi: अर्थराइटिस क्या है, अर्थराइटिस की जांच और गठिया में व्यायाम

Arthritis In Hindi: अर्थराइटिस एक सामान्य रूप से सुने जाने वाला शब्द है। तो सबसे पहले हम ये समझते हैं कि अर्थराइटिस का हिंदी अर्थ या Arthritis hindi meaning या Arthritis hindi mein क्या कहलाता है। तो आपको बता दें कि Arthritis ka Hindi Name गठिया होता है। अब आपको यहां ये तो मालूम हो गया कि arthritis kya hai hindi me. चलिए, अब हम आगे बात करते हैं की अर्थराइटिस का लक्षण क्या होता है या Arthritis ke lakshan hindi mein क्या हैं। इसके अलावा हम Arthritis exercise in hindi या गठिया का एक्सरसाइज क्या है, इस बारे में भी बात करेंगे।

गठिया क्या होता है – Gathiya kya hota hai या Arthritis kya hai hindi mai

Define arthritis hindi – Arthritis (गठिया) जोड़ों की सूजन है।  यह एक जोड़ या एक से अधिक जोड़ों को effect कर सकता है। यह वात और रक्त के दूषित होने से संबंधित रोग है। गलत तरीके के खानपान से रक्त दूषित होकर शरीर में बाधा उत्पन्न करता है तथा फिर वायु और रक्त दूषित होकर शरीर में विभिन्न लक्षणों जैसे पीड़ा, जलन, लालिमा आदि लक्षण महसूस होने लगते हैं।

गठिया आमतौर पर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो में देखा जाता है। लेकिन यह बच्चों, किशोरों में भी हो सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में और अधिक वजन वाले लोगों में गठिया अधिक आम है।

जोड़ों के दर्द और Arthritis(गठिया) को एक ही रोग मान लिया जाता है, लेकिन दोनों में अंतर हैं। जोड़ो में दर्द होना normal Arthritis है, जिसमें जोड़ों में बहुत दर्द और जोड़ों को घुमाने, मोड़ने पर परेशानी होती है। जबकि arthritis(गठिया) जोड़ों के दर्द से अलग एक अलग रोग होता है जिसे गाउट कहते है। गठिया की  शुरूआत छोटे जोड़ों में दर्द और सूजन के साथ होती है। Normal arthritis में बुखार होना जरुरी नहीं है परंतु arthritis(गठिया) रोग की शुरूआत में दर्द और सूजन के अलावा बुखार भी होने की संभावना होती है। हालांकि ये हर बार ज़रूरी नहीं है।

अर्थराइटिस के लक्षण क्या हैं – Arthritis k symptoms in hindi

Arthritis Physiotherapy in Hindi

गठिया ke lakshan या Arthritis ke lakshan hindi mein बताएं तो इसके लक्षण आमतौर पर समय के साथ धीरे-धीरे देखने को मिलते हैं, लेकिन वे अचानक भी हो सकते हैं।अर्थराइटिस होने पर क्या-क्या लक्षण होते हैं यह जानना ज़रूरी है ताकि रोग का सही समय पर इलाज हो सके।

पैर के अंगूठे में लालिमा के साथ सूजन एवं दर्द होना।

जोड़ों में तेज दर्द होता है।

जोड़ो में दर्द के साथ बुखार भी रहता है।

जोड़ो में दर्द, जकड़न और सूजन रहती है तथा रोगी को चलने-फिरने में भी तकलीफ होने लगती है।

गठिया की जाँच – Arthritis Diagnosis in Hindi

  1. यूरीन टेस्‍ट

यूरीन और ब्लड का sample लेकर Arthritis की  जांच की जाती है | इस टेस्ट के द्वारा शरीर में मौजूद विभिन्न तत्वों का अध्ययन किया जाता है।

  1. एक्‍स-रे 

एक्स-रे से शरीर में सूजन के बारे में पता लगाया जाता है| जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ से यह पता चलता है कि कार्टिलेज कम तो नहीं हो गया है। Arthritis(गठिया)रोग में कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है,जो कि जोड़ों को ठीक तरह से कार्य करने में मदद करता है।

  1. अल्ट्रासाउंड 

अल्ट्रासाउंड की मदद से जोड़ों के दर्द बारे में ज्यादा पता लगा सकते है, क्योंकि इसमें जोड़ या हड्डियों के कटाव या घिसाव आदि सभी के बारे में सही जानकारी मिलती है |

  1. एमआरआई

एमआरआई के द्वारा शरीर की सभी हड्डियों को देखा  जा सकता है | इस मशीन के द्वारा यह भी पता लगाया जा सकता है, जिससे गठिया रोग की समस्या होती है| 

फिजियोथेरेपी द्वारा गठिया का इलाज या गठिया के लिए एक्सरसाइज – Arthritis exercise in hindi

गठिया का एक्सरसाइज या गठिया के लिए एक्सरसाइज हैं, जिनसे मरीज़ को काफी आराम मिलता है। Arthritis (गठिया) से पीड़ित लोगों के लिए फिजियोथेरेपी उपचार महत्वपूर्ण है।  फिजियोथेरेपी जोड़ों और मांसपेशियों को सही रखने में मदद करती है और अपने आप चलने में मदद करती है।  गठिया से पीड़ित लोगों को फिजियोथेरेपी की सलाह दी जाती है।  इसमें आपकी जरूरतों के अनुसार एक्सरसाइज का एक कार्यक्रम शामिल होता है।

यह दर्द को ठीक करने में मदद करता है। आपकी फिटनेस को बेहतर बनाने में मदद करता है। रिकवरी के दौरान आपकी मांसपेशियों को चलते रहने और मजबूत बनाने में मदद करता है।

घुटने के गठिया के लिए फिजियोथेरेपी – Physiotherapy for Knee Arthritis in Hindi

Arthritis Exercise in Hindi – नियमित रूप से घुटने के जोड़ का व्यायाम करने से जकड़न और सूजन जैसे लक्षणों से राहत मिलती है।  घुटने के गठिया के साथ व्यायाम करने के कुछ कारणों में शामिल हैं:

व्यायाम उन मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है जो जोड़ को सहारा देती हैं |

 
घुटने के जोड़ के लिए कोमल, कम प्रभाव वाले व्यायामों की सलाह फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा दी जाती है।  सबसे अच्छे व्यायाम वे हैं जो आप घर पर कर सकते हैं या ब्रेक के दौरान काम कर सकते हैं।  वे आसान,  जिसमें किसी भी उपकरण की आवश्यकता नहीं है।  उन्हें धीरे-धीरे करें और धीरे-धीरे प्रत्येक दिन के साथ दोहराव की अवधि और संख्या बढ़ाएं।  हमेशा सुनिश्चित करें कि आप व्यायाम करने से पहले और बाद में कुछ स्ट्रेच करें।  यहाँ कुछ आसान अभ्यासों को बताया जा रहा है:

  1. लेटते समय पैर उठाना:

फर्श या योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। अपनी मांसपेशियों को कसते हुए अपने पैर को सीधा रखें, धीरे-धीरे इसे कई इंच ऊपर उठाएं। अपनी पीठ के निचले हिस्से को नीचे धकेलें और अपने पेट को कस लें। इस स्थिति में 5 तक गिनें और फिर अपने पैर को जितना हो सके धीरे-धीरे नीचे करें।
इसे दूसरे पैर से दोहराएँ। हर पैर से 4 से शुरू करें, कुछ दिनों में धीरे-धीरे सेट की संख्या बढ़ाएं।

  1. लेटते समय हैमस्ट्रिंग खिंचाव

दोनों पैरों को घुटने से मोड़कर अपनी पीठ के बल फर्श पर लेट जाएं| धीरे-धीरे अपने घुटने को मोड़ते हुए एक पैर को उठाएं, जिससे आपका घुटना आपकी छाती पर आ जाए। अपने हाथों को अपनी जांघ के पीछे जोड़ लें और धीरे-धीरे अपना पैर बढ़ाएं। अपने सीधे पैर को जितना हो सके अपने सिर की ओर तब तक खींचे जब तक आप खिंचाव महसूस न करें। तीस से साठ सेकंड तक रुकें और फिर धीरे-धीरे अपने घुटने को मोड़ें और अपने पैर को वापस फर्श पर छोड़ दें। प्रत्येक पैर पर एक बार खिंचाव करें।

  1. हाफ स्क्वाट

अपने पैरों को चौड़ाई पर अलग रखें और आपकी बाहें आगे की ओर फैली हुई हों। अपने घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें जैसे कि आप आधे बैठने की स्थिति में हों। आगे की ओर न झुकें- अपनी छाती को उठाकर और पीठ को सीधा रखें। अपने पैरों को फर्श पर सपाट रखते हुए, 5 तक गिनें। धीरे-धीरे खड़े होने की स्थिति में लौट आएं। दस दोहराव का एक सेट करें।  धीरे-धीरे एक बार में तीन सेट करें।

4.पैर खिंचाव

अपनी पीठ सीधी और पैरों को फैलाकर फर्श पर बैठें। अपनी हथेलियों को अपने दोनों ओर फर्श पर सपाट करके अपने आप को सहारा दें|धीरे-धीरे अपने घुटने को मोड़ें जब तक कि यह खिंचाव महसूस न हो। 5 की गिनती तक इस स्थिति को बनाए रखें और फिर धीरे-धीरे आराम की स्थिति में लौट आएं। पैरों को दोहराएं और स्विच करें, प्रत्येक को दस बार।

उम्मीद है, आपको Arthritis in Hindi, Arthritis Treatment in Hindi या Arthritis Physiotherapy in Hindi अथवा Arthritis ka ilaj exercise hindi में समझ में आ गया होगा।

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