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कैप्सूल एंडोस्कोपी की परिभाषा – capsule endoscopy definition

कैप्सूल एंडोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पाचन तंत्र की तस्वीरें प्राप्त करने के लिए एक वायरलेस कैमरे की मदद ली जाती है। यह वायरलेस कैमरा एक विटामिन कैप्सूल के आकार के कैप्सूल में फिट किया हुआ रहता है। इसका उपयोग करने के लिए मरीज को यह कैमरा लगा कैप्सूल निगलना होता है। निगलने के बाद यह कैमरा पाचन तंत्र के रास्ते आगे बढ़ने लगता है। इस दैरान यह कैमरा काफी तेजी से हज़ारों की संख्या में पाचन तंत्र की फ़ोटो कैद करता रहता है। यह फोटो कैमरे से एक रिकॉर्डर तक पहुंचता है जो की मरीज के कमर या कंधे पर बांधा जाता है।

Endoscopy Capsule

कैप्सूल एंडोस्कोपी की मदद से ही डॉक्टर छोटी आंत के अंदर की तस्वीरों को आसानी से देख पाते हैं। छोटी आंत के अंदर सामान्य इंडोस्कोप से देखना संभव नही है। कोलोन कैप्सूल परीक्षण भी एक ऐसा यंत्र है जिसका उपयोग कोलोनोस्कोपी के विकल्प के रूप में किया जाता है।

कैप्सूल एंडोस्कोपी क्यों किया जाता है – what does a capsule endoscopy diagnose

कैप्सूल एंडोस्कोपी डॉक्टर को छोटी आंत एवं बड़ी आंत के अंदर देखने की सुविधा प्रदान करता है। छोटी आंत पेट और बड़ी आंत के बीच मौजूद होता है। यहां तक पहुंचना आमतौर से उपयोग किए जाने वाले इंडोस्कोपी से काफी मुश्किल है। इस लिए कैप्सूल इंडोस्कोपी की मदद ली जाती है। कैप्सूल इंडोस्कोपी की खासियत यह है कि यह किसी भी अन्य टेस्ट के मुकाबले छोटी आंत के लाइनिंग का अच्छा फ़ोटो प्रदान करता है।

कैप्सूल एंडोस्कोपी कराने की सलाह डॉक्टर कुछ खास बीमारी का पता लगाने के लिए देते हैं।

• अस्पष्ट गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव की स्तिथि में यानी वैसी स्तिथि जब खून के आने का कारण साफ न हो कि यह कहाँ से आ रहा है, तब कैप्सूल एंडोस्कोपी किया जाता है।

• आंतों के सूजन में
• आंतों के कैंसर का पता लगाने के लिए
• सीलिएक रोग में
• पॉलिप्स की जांच के लिए (पॉलिप्स एक प्रकार का असामान्य ग्रोथ है जो कि बड़ी आंत या मलाशय के भीतरी लाइनिंग में शुरू होता है।)

कैप्सूल एंडोस्कोपी जोखिम – capsule endoscopy disadvantages

कैप्सूल इंडोस्कोपी की प्रक्रिया आमतौर से सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि कैप्सूल को निगलने वाले वयस्क और बच्चों से जुड़ा थोड़ा खतरा भी है। सामान्यतः इसे निगलने के बाद यह शरीर में ही रहता है। कुछ दिन बाद या प्रक्रिया के दिन ही यह मल के साथ बाहर भी आ जाता है। लेकिन न आने पर कुछ समस्या हो सकती है। जैसे…

• कभी कभी कैप्सूल पाचन तंत्र में ही फंस जाता है। हालांकि ऐसा काफी विरले ही होता है। ऐसा होने की संभावना 1.5 प्रतिशत से भी कम है। हालांकि अगर आंतों में कुछ समस्या है तो यह संभावना बढ़ जाता है। जैसे कि क्रोहन रोग (पाचन तंत्र की बीमारी) में कैप्सूल के फंसने की संभावना 5 से 13 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

• आंतों के ब्लॉक होने की समस्या से ग्रसित व्यक्ति में capsule endoscopy करने पर कैप्सूल के आंत में फंसने की संभावना 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसलिए अगर मरीज में आंत ब्लॉकेज के लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर एक्स रे, एमआरआई या सिटी स्कैन करवा सकते हैं।

• कुछ मामलों में मरीज को यह पता नही चल पाता है की कैप्सूल शरीर से बाहर आया या नही, ऐसे में कैप्सूल को निकालने के लिए सर्जरी करनी पड़ सकती है। कैप्सूल को बैलून इंडोस्कोपी की मदद से भी बाहर निकाला जा सकता है।

• वैसे व्यक्ति जिनको पेसमेकर या डिफिब्रिलेटर लगा हुआ है, उन्हें कैप्सूल एंडोस्कोपी प्रक्रिया के दौरान Electro Cardiogram पर नज़र बनाए रखने के लिए अस्पताल में भर्ती होना पर सकता है। हालांकि यह कुछ ही प्रकार के कैप्सूल में ज़रूरी होता है।

कैप्सूल एंडोस्कोपी से पहले की जाने वाली तैयारी – Capsule Endoscopy Procedure

कैप्सूल एंडोस्कोपिक होने के तय समय से 12 घण्टे पहले ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है। ऐसा बेहतर से बेहतर नतीजा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

• कैप्सूल एंडोस्कोपी से 24 घण्टे पहले से केवल साफ पानी लेने की ही अनुमति होती है। कैप्सूल इंडोस्कोपी की प्रक्रिया वाले दिन सुबह से ही पानी भी बंद कर दिया जाता है।

• कैप्सूल एंडोस्कोपी में कैमरे को किसी प्रकार के रुकावट का सामना न करना पड़े, इसके लिए कैप्सूल एंडोस्कोपी होने से पहले आपको कुछ दवाई लेने से रोक दिया जा सकता है या उसे लेने के समय में बदलाव कर दिया जा सकता है।

Capsule Endoscopy की प्रक्रिया के होने के बाद तनाव वाले व्यायाम न करें और न ही कोई भारी सामान उठाएं। हालांकि कैप्सूल निगलने के बाद प्रक्रिया के समाप्त होने के बाद आप नियमित जीवन में वापस आ जाते हैं। अपने नियमित काम भी कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहद ज़रूरी है।

• अगर आप डॉक्टर के बताए अनुसार Capsule Endoscopy की तैयारी नही करते हैं, तो आपको तय समय पर यह करने की अनुमति नही मिल पाएगी। आपको इसके लिए फिर से दूसरे दिन पूरी तैयारी के साथ आना होगा।

• कोलोन 2 कैप्सूल के इस्तेमाल की स्तिथि में आंतो की और गहरी सफाई की ज़रूरत होती है। यह व्यक्ति दर व्यक्ति अलग अलग होता है।

Capsule Endoscopy के दौरान और इसके बाद क्या होता है – What Does Happen During capsule endoscopy

capsule endoscopy diagnosis के दौरान कुछ कैप्सूल डिवाइस के उपयोग के समय आपके पेट पर एक पैच चिपका दिया जाता है। प्रत्येक पैच पर एक तार के साथ एंटीना होता है। यह रिकॉर्डर से जुड़ा हुआ होता है। जब कैप्सूल आपके पाचन तंत्र से गुजरते हुए अंदर की तस्वीरें ले रहा होता है तो यह इसी रिकॉर्डर तक आ कर इसमें जमा हो जाता है। रिकॉर्ड मरीज के कंधे या कमर पर एक खास प्रकार के बेल्ट या बैग की सहायता से लटकाया हुआ रहता है।

जब रिकॉर्डर और कैमरे संपर्क में आ जाते हैं तब आपको कैप्सूल निगलने के लिए कहा जाता है। कैप्सूल का आकार एक विटामिन की गोली के ही बराबर होता है। इस कैप्सूल पर एक ऐसी परत चढ़ाई जाती है जो कि फिसलने वाला होता है। इससे कैप्सूल को निगलने में आसानी होती है।

कैप्सूल निगलने के बाद भी आप बिल्कुल सामान्य ही रहेंगे। हालांकि इस दौरान अधिक हिलने डुलने से मना कर दिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि रिकॉर्डर में कोई दिक्कत न हो।

capsule endoscopy में ऐसे कैमरे का उपयोग होता है जिससे 8 घण्टे या 12 घण्टे तक फ़ोटो खिंचे जा सकते हैं। किस प्रकार के कैमरे का उपयोग करना है, यह डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है। इसके अलावा खाना पीना कब से शुरू करना है, यह भी डॉक्टर बताते हैं।

जब आप देखते हैं कि कैमरा मल के माध्यम से बाहर आ चुका है तब यह प्रक्रिया खत्म हो जाती है। इस तरह यह 8 या 12 घण्टे में पूरा हो जाता है। इसके बाद आप शरीर पर लगे एंटीना पैचेस और रिकॉर्डर बैग को हटा कर पैक करने के बाद डॉक्टर के बताए अनुसार जमा कर दें। एक बात ध्यान रखें कि आपको कैमरा कैप्सूल को संभालने की ज़रूरत नही है। वह मल के साथ आसानी से बाहर चला जाएगा।

• आमतौर से कैमरा कुछ घण्टो में या कुछ दिन में शरीर के बाहर आ जाता है। अगर 2 हफ्ते तक कैप्सूल बाहर नही आता है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना होगा। डॉक्टर कैप्सूल का पता लगाने के लिए एक एक्स रे करवा सकता है।

कैप्सूल इंडोस्कोपी के परिणाम – capsule endoscopy result

कैप्सूल इंडोस्कोपी में उपयोग होने वाला कैमरा शरीर में जाने के बाद हज़ारों की संख्या में रंगीन फ़ोटो खींचता है। जब आप रिकॉर्डर डॉक्टर को वापस जमा कर देते हैं, तब रिकॉर्डर से वह तस्वीर कम्प्यूटर में भेजा जाता है। वहां एक खास शॉफ्टवेयर की मदद से हज़ारों तस्वीरें एक वीडियो में बदल जाती है। इसके बाद वह वीडियो डॉक्टर देखते हैं।

इसी से पता लगाया जाता है कि पाचन तंत्र में किसी प्रकार की समस्या है या नही। इसी आधार ओर डॉक्टर इसका परिणाम आपको बताते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में कुछ दिन से ले कर हफ्ते भर का समय लग सकता है।

कैप्सूल एंडोस्कोपी की कीमत – Capsule Endoscopy Cost

कैप्सूल एंडोस्कोपी कॉस्ट ( Capsule Endoscopy Cost in India) की बात करें तो जब कैप्सूल एंडोस्कोपी नया-नया अस्तित्व में आया था तब इसकी कीमत लगभग 1 लाख के आसपास पड़ती थी। लेकिन समय के साथ कैप्सूल एंडोस्कोपी की कीमत में कटौती हुई है।

अब कैप्सूल एंडोस्कोपी की कीमत लगभग 35 हज़ार से 40 हज़ार के आसपास पड़ती है। हालांकि एंडोस्कोपी की कीमत अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग हो सकती है। यहां एक औसतन कैप्सूल एंडोस्कोपी कॉस्ट बताया गया है।

नोट- इस लेख में बताई गई जानकारियों को केवल जानकारी के तौर पर ही लें। इलाज संबंधित कोई भी फैसला डॉक्टर की सलाह पर ही लें।

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