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frozen shoulder in hindi – फ्रोजन शोल्डर क्या है – फ्रोजन शोल्डर का इलाज – frozen shoulder hindi mein

फ्रोजन शोल्डर एक आम तौर से होने वाली समस्या है। बड़ी संख्या में लोग फ़रोजन शोल्डर से पीड़ित होते रहते हैं। लेकिन बहुत लोगों को वास्तव में पता ही नहीं होता है कि फ्रोजेन शोल्डर क्या है (Frozen shoulder kya hai) या फ्रोजन शोल्डर क्या होता है (frozen shoulder kya hai in hindi). इस लिए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि frozen shoulder kya hota hai (फ्रोजन शोल्डर क्या होता है) या फ्रोजेन शोल्डर क्या है।

इसके अलावा हम आपको इस आर्टिकल में ये फ्रोजन शोल्डर के कारण के बारे में भी बताएंगे। इसे पढ़ने के बाद आप समझ जाएंगे कि frozen shoulder kyu hota hai. Frozen shoulder hindi mein बताने के अलावा हम आपको फ्रोज़न शोल्डर ट्रीटमेंट के बारे में भी बताएंगे। फ्रोजन शोल्डर का इलाज के तहत आपको तहत हम frozen shoulder exercises hindi में बताएंगे। तो चलिए अब frozen shoulder physiotherapy treatment hindi में बताने के साथ – साथ फ्रोजन शोल्डर के बारे में बाकी दूसरी महत्वपूर्ण बातें पॉइंटवाइस जानते हैं।

फ्रोजन शोल्डर का हिंदी मतलब – Frozen shoulder meaning in hindi

फ्रोजन शोल्डर क्या है तथा फ्रोजन शोल्डर के बारे में बाकी बातें हम जाने इससे पहले यह जानना जरूरी है कि हिंदी में फ्रोजेन शोल्डर (Frozen shoulder hindi mein) क्या कहलाता है। तो बता दें कि frozen shoulder ka hindi meaning कंधे की अकड़न होता है। यानी कि फ़रोजन शोल्डर को हिंदी में “कंधे की अकड़न” की बीमारी कहा जाता है। Frozen shoulder meaning in hindi में जानने के बाद चलिए अब आगे बढ़ते हैं।

फ्रोजन शोल्डर क्या है – frozen shoulder kya hai in hindi

Frozen shoulder in hindi

Frozen shoulder in Hindi – फ्रोजेन शोल्डर एक ऐसी बीमारी है जिसमें हमारे कंधे में है स्टीफनेस और दर्द होने लगता है। इस कारण कंधे के यहां पर से हाथ का घुमाव काफी कम या समस्या काफी अधिक होने पर बिल्कुल ही बंद हो जाता है। या जरा भी हिलाने डुलाने पर काफी तेज होता है दर्द होता है। इसी स्थिति को फ्रोजन शोल्डर कहा जाता है।

फ्रोजन शोल्डर को ही एडहेसिव कैप्सूलाइटिस (adhesive capsulitis in Hindi) के नाम से भी जाना जाता है। इस तरह यहां ये पता चल गया कि जो जवाब इस सवाल का है कि फ्रोजन शोल्डर क्या है, वही जवाब इस सवाल का भी है कि adhesive capsulitis kya hai.

फ्रोज़न शोल्डर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें समस्या की शुरुआत धीरे-धीरे होती है। और अगर समय पर इलाज नहीं होता है तो धीरे-धीरे समस्या बढ़ती ही जाती है। हालांकि एक अच्छी बात यह है कि समस्या अगर कुछ ज्यादा भी बढ़ गई हो तो फ्रोजन शोल्डर का इलाज सफलतापूर्वक हो जाता है। लगातार फिजियोथेरेपी कराने से वजन सोल्डर से आराम मिलता है। इस बारे में विस्तार से आगे आपको फ्रोजन शोल्डर के उपचार में बताएंगे।

फ्रोज़न शोल्डर के लक्षण – Frozen Shoulder Symptoms in Hindi

फ्रोजन शोल्डर के लक्षण आमतौर से धीरे-धीरे बढ़ने शुरू होते हैं। शुरुआत में देखने को मिलता है कि मरीज को कभी-कभी हाथ के घुमाने पर कंधे के पास दर्द शुरू होता है धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती ही जाती है। फ्रोजन शोल्डर का लक्षण तीन अलग-अलग स्टेज में निर्भर करता है। इन तीनों अलग-अलग स्टेज में फ्रोजन शोल्डर के लक्षण अलग-अलग देखने को मिलते हैं। लक्षणों के आधार पर यह पता चल जाता है कि प्रोजन सोल्डर अभी किस स्टेज में है। चलिए अब जानते हैं फ्रोजन शोल्डर के Stages के बारे में।

फ्रोज़न शोल्डर का स्टेज – Frozen Shoulder Stage in Hindi

फ्रोजन शोल्डर के मुख्यतः तीन स्टेज होते हैं।

  1. Freezing Stage (फ्रीजिंग स्टेज) – इस स्टेज में जैसे ही कंधे के पास कोई मोमेंट होता है, तो कंधे में दर्द होने लगता है। साथ ही इस स्टेज में ही रेंज ऑफ मोशन घटना शुरू हो जाता है। यानी कि आप आमतौर से जितने तेजी से हाथ घुमा पाते हैं या जितना फ्री हाथ घुमा पाते हैं इस स्टेज में वैसा नहीं कर पाएंगे।
  2. Frozen Stage ( फ्रोज़न स्टेज) – फ्रोजन शोल्डर का दूसरा स्टेज फ्रोजन स्टेज कहलाता है। फ्रोजन स्टेज का लक्षण यह है कि इस स्टेज में आमतौर से पहले के मुकाबले दर्द कम होने लगता है। लेकिन Range of Motion भी घट जाता है। तथा कंधा बिल्कुल स्टीफ होने लगता है। ऐसे में कंधे का उपयोग करना काफी मुश्किल होने लगता है। इस स्टेज में आमतौर से मरीज ये गलती करते हैं कि दर्द कम होने पर उन्हें लगता है कि बीमारी ठीक हो रही है। लेकिन वास्तव में बीमारी अब अगले चरण में प्रवेश कर रही है। ऐसे में जल्द से जल्द ट्रस्ट में शुरू कर देना चाहिए
  3. Thawing Stage – फ्रोजन शोल्डर का तीसरा स्टेज थोविंग स्टेज कहलाता है। इस स्टेज में है धीरे-धीरे फ़रोजन सोल्डर से आराम मिलती है तथा रेंज ऑफ मोशन बढ़ता है। हालांकि हर मरीज में ऐसा होना जरूरी नहीं है। कुछ मरीज में तीसरे स्टेज में भी स्टीफनेस बना रहता है तथा रेंज ऑफ मोशन भी कम ही रहता है।

फ्रोजन शोल्डर के लक्षण कॉमन ये है कि कुछ मरीजों में यह देखने को मिलता है कि फ्रोजन शोल्डर होने की स्थिति में रात के समय में कंधे में बहुत ज्यादा दर्द होता है। ऐसे में मरीज को सोने में भी काफी दिक्कत होती है। हालांकि यह लक्षण अलग-अलग मरीज में अलग-अलग हो सकते हैं। यानी कि कुछ मरीज में फ्रोजन शोल्डर के लक्षण इस तरह के देखने को मिल भी सकते हैं और कुछ में यह नहीं भी देखने को मिलेंगे।

फ्रोजन शोल्डर का कारण – Frozen shoulder Cause in Hindi

फ्रोजन शोल्डर के कारण के बारे में जानने से पहले यह जान ले कि जो एक इंसान का कंधा होता है, वह कई अलग-अलग स्ट्रक्चर से मिलकर बना होता है। इसमें हड्डियां, लिगामेंट्स, टेंडन तथा मांस पेशिया शामिल होती है। इसके अलावा यहां कई तरह के कैप्सूल भी हैं जो कि कंधे में मौजूद होती हैं।

जब यही कैप्सूल किसी कारण मोटा तथा करा होने लगता है तो यह कंधे के मोमेंट को कम कर देता है। मोटे तौर पर इसे ही फ्रोजन शोल्डर का कारण माना जाता है। इसके अलावा टेंडन लिगामेंट यह मांसपेशियों में भी खिंचाव होने या कुछ और सामान्य होने पर भी फ्रोजन शोल्डर की समस्या हो सकती है। अब आपको पता चल गया है कि frozen shoulder kyu hota hai.

हालांकि अब तक की खोज से फ्रोजन शोल्डर होने के एग्जैक्ट कारण का पता नहीं लगाया जा सका है। हालांकि कुछ अध्ययन में यह देखने को मिला है कि कुछ मरीजों में डायबिटीज होने पर उसे फ्रोजन शोल्डर होने का खतरा अधिक रहता है। इसके अलावा वैसे लोग जो अपने कंधों का कम इस्तेमाल करते हैं या ज्यादातर आराम ही करते हो या उनकी फिजिकल एक्टिविटी कम होती है। तो उनमें फ्रोजन शोल्डर की समस्या हो सकती है। इसके अलावा जिनका कंधे का कभी सर्जरी हुआ हो या हाँथ फ्रैक्चर हुआ हो तो उन्हें भी फ्रोजन शोल्डर हो सकता है।

फ्रोज़न शोल्डर होने का खतरा किसे अधिक है – Frozen shoulder risk factor in Hindi

अब तक के अध्ययन से पता चलता है कि 40 या इससे अधिक उम्र के लोगों में फ्रोजन शोल्डर होने की समस्या अधिक होती है। इसके अलावा पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में Frozen Shoulder अधिक देखने को मिलता है। हालांकि फ्रोजन शोल्डर की समस्या किसी भी व्यक्ति को 40 साल से पहले भी हो सकती है।

इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को निम्नलिखित स्थिति है तो उसे Frozen Shoulder होने का खतरा अधिक रहता है –

रोटेटर कफ इंजरी
अगर हाँथ टूटा हो (ब्रोकन आर्म)
स्ट्रोक
किसी तरह की सर्जरी से रिकवरी कर रहे लोगों में
डायबिटीज
हाइपोथाइरॉएडिज्म
हाइपरथाइरॉएडिज्म
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज
ट्यूबरक्लोसिस
पार्किंसन डिजीज

इत्यादि के मरीजों में भी फ्रोजन शोल्डर होने का खतरा बना रहता है।

फ्रोज़न शोल्डर की जांच – frozen shoulder test in hindi

Frozen Shoulder एक ऐसी स्थिति होती है जिसकी जांच आमतौर से इसके लक्षणों को ही देखकर किया जाता है। आमतौर से जब कोई फ्रोजन शोल्डर का मरीज डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर सबसे पहले कंधे की स्थिति और जॉइंट रेंज ऑफ मोशन देखता है। इसके तहत पहले मरीज को ऊपर की ओर या पीछे की ओर हाथ उठाने के लिए कहा जाता है। ऐसा यह देखने के लिए किया जाता है की रेंज ऑफ़ मोशन कितना है। इसके अलावा और डॉक्टर खुद भी मरीज का हाथ घुमा कर देख सकते हैं।

आमतौर से इस तरीके से ही फ्रोज़न शोल्डर का टेस्ट किया जाता है। अगर परेशानी बहुत ज्यादा है तो फिर डॉक्टर कुछ मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए बोल सकते हैं। इसके अलावा अगर डॉक्टर को शक होता है कि यहां फ्रोजन शोल्डर के अलावा कोई और समस्या हो सकती है तो मरीज को एम आर आई करवाने के लिए भी कहा जा सकता है। हालांकि फ्रोजन शोल्डर की स्थिति में आमतौर से m.r.i. करवाने की नौबत नहीं पड़ती है। तथा कुछ ही समय बाद मरीज की स्थिति बेहतर होने लगती है।

फ्रोजन शोल्डर ट्रीटमेंट – Frozen Shoulder treatment in Hindi

फ्रोजन शोल्डर के इलाज का मुख्य उद्देश मरीज को दर्द से राहत पहुंचाना तथा मरीज के कंधों के रेंज ऑफ मोशन को पढ़ाना होता है। अगर किसी मरीज में फ्रोजन शोल्डर शुरुआती चरण में ही है तो उसे कुछ दर्द निवारक यानी Pain killer drugs दे दिया जाता है।

ये सिर्फ उन मरीजों में फायदेमंद साबित होता है जिन्हें केवल दर्द की शिकायत है। अगर इन उपायों से राहत नहीं मिलती है तो मरीज़ को फिजियोथेरेपी विभाग में भेज दिया जाता है। फ्रोज़न सोल्डर में फिजियोथेरेपी सबसे बेहतरीन इलाज माना जाता है। फ्रोजन शोल्डर के उपचार के लिए फिजियोथैरेपी फर्स्ट चॉइस ऑफ ट्रीटमेंट भी है। इस लिए अगर किसी को कंधे में दर्द हो रहा है तो उसे सबसे पहले एक Physiotherapist के पास जाना चाहिए।

फ्रोजन शोल्डर के लिए व्यायाम – frozen shoulder physiotherapy treatment in Hindi

फ्रोजन शोल्डर होने की स्थिति में फिजियो थेरेपी काफी कारगर रहता है। इस स्थिति में फ्रोजन शोल्डर व्यायाम (exercise for frozen shoulder in hindi) के द्वारा ठीक किया जाता है। तो चलिए अब frozen shoulder exercise in hindi में या exercise for frozen shoulder in hindi में जानते हैं।

  1. पैसिव शोल्डर रेंज ऑफ मोशन – Passive Shoulder Range of Motion Exercises in Hindi

इसे एक्पर्ट फिजियोथैरेपिस्ट के द्वारा किया जाता है। इसे करने का तरीका यह है कि मरीज को सीधा लिटा दिया जाता है। उसके बाद फिजियोथैरेपिस्ट उस हाथ में मोमेंट देते हैं, जिस तरफ फ्रोजन शोल्डर है। यह करने का मुख्य उद्देश्य जॉइंट रेंज ऑफ मोशन बढ़ाना होता है।

इस दौरान फिजियोथैरेपिस्ट हाथ अलग-अलग मोमेंट देते हैं। इसमें फ्लेक्शन, अप ड्क्शन, एक्सटर्नल रोटेशन और इंटरनल रोटेशन शामिल होते हैं

  1. शोल्डर टॉवेल एक्सरसाइज – Shoulder Towel Stretches in Hindi

मरीज के कंधों के मोमेंट को बढ़ाने के लिए इस तकनीक को अपनाया जाता है। इसके तहत मरीज को एक तौलिया या चादर मोर कर दे दिया जाता है। उसे पीठ के पीछे रखते हुए दोनों हाथों से पकड़ कर आगे पीछे खींचना होता है। शुरू में ऐसा करने में कुछ दर्द होता है। लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य होता है।

  1. शोल्डर एक्टिव रेंज ऑफ मोशन – Shoulder Active Range of Motion Exercises in Hindi

इस एक्सरसाइज को आमतौर से तब किया जाता है जब मरीज की स्थिति कुछ बेहतर होती है। तथा रेंज ऑफ मोशन बढ़ता है। इसके तहत मरीज़ बिना किसी की मदद के फिजियोथेरेपिस्ट के बताए अनुसार कुछ एक्सरसाइज को दोहराता है। इसमें फ्लेक्शन, अपडक्शन और एक्सटर्नल रोटेशन शामिल होता है। यह कम से कम दिन भर में दो से तीन बार किया जाता है तथा एक बार में 10 से 15 बार इस एक्सरसाइज को दोहराया जाता है।

  1. आइसोमेट्रिक शोल्डर एक्सरसाइज – Isometric Shoulder Exercises

इस एक्सरसाइज के करने का तरीका यह होता है कि मरीज को सीधे किसी दीवार के सामने खड़ा कर दिया जाता है तथा दोनों हाथ को दीवार पर रखते हुए दीवार को दबाने के लिए कहा जाता है। मरीज कम से कम 5 सेकंड तक उसे प्रेस करने की कोशिश करता है। ऐसा कम से कम एक बार में 10 से 15 बार किया जाता है।

  1. स्केपुलर स्टेबिलाइजेशन एक्सरसाइज – Scapular Stabilization Exercises in Hindi

फ्रोजन शोल्डर होने पर मरीज के स्कैपुला में भी जकड़न हो जाती है। इस कारण उसका भी फंक्शन ठीक नहीं रहता है। ऐसे में इसे फिर से एक्टिव करने के लिए स्कैपुलर स्टेबलाइजेशन एक्सरसाइज दिया जाता है। यह फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से सीखने के बाद मरीज खुद भी दोहरा सकता है।

  1. रोटेटर कफ स्ट्रेंथनिंग – Rotator Cuff Strengthening and Resistance Band in Hindi

एक्सरसाइज रोटेटर कफ को मजबूत करने के लिए किया जाता है इसे एक रेसिस्टेंट बैंड की मदद से किया जाता है रेसिस्टेंट बैंड अपनी ओर से खिंचाव पैदा करता है तथा उसके विपरीत दिशा में मरीज को उस बहन को खींचते हुए अलग-अलग मोमेंट करवाए जाते हैं इस तरह मरीज को काफी जल्दी आराम मिलता हैं

  1. पेंडुलम एक्सरसाइज

इसे करने का तरीका यह है कि मरीज को हल्का झुकाते हुए उसका एक हाथ बगल में टेबल या किसी अन्य चीज पर रख दिया जाता है। तथा अब जिस तरह के कंधे में समस्या है उस तरफ के हाथ को नीचे हवा में आगे पीछे एक पेंडुलम की तरह हिलाने के लिए कहा जाता है।

  1. ओवर हेड पुली – overhead pulley in Hindi

फ्रोजन शोल्डर के मरीज को एक पुली खींचने के लिए कहा जाता है। यह पुली मरीज के सर के ऊपर की तरफ होता है अतः दोनों हाथों से इसे खींचने को कहा जाता है। इसका उद्देश्य मरीज के अफेक्टेड हाथ को ऊपर की ओर करना तथा इससे रेंज ऑफ मोशन बढाना होता है।

इन सभी एक्सरसाइज (exercise for frozen shoulder in hindi) के अलावा मरीज की स्थिति को देखते हुए फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को कुछ अलग अलग तरीके के एक्सरसाइज भी करवा सकता है। ये एक्सरसाइज कितनी देर और दिन में कितनी बार कराना है यह मरीज की स्थिति को देखते हुए फिजियोथेरेपिस्ट तय करते है।

मशीन के द्वारा फ्रोजन शोल्डर का इलाज – Electric modalities for frozen shoulder in Hindi

फ्रोजन शोल्डर होने की स्थिति में अलग-अलग तरह के एक्सरसाइज के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के उपयोग से भी इलाज किया जाता है। इनका उपयोग करने से मरीज को काफी तेजी से फायदा होता है।

आमतौर से फ्रोजन शोल्डर की स्थिति में मरीज को टेंस मशीन तथा अल्ट्रासाउंड मशीन लगाया जाता है। Tens therapy तथा ultrasound therapy frozen shoulder की स्थिति में काफी फायदेमंद होता है। मरीज के दर्द को कम करने के लिए टेंस मशीन का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा कंधे के आसपास Ultrasound therapy भी दी जाती है। इससे भी मरीज़ को दर्द से आराम मिलने के साथ-साथ हीलिंग भी तेजी से होती है।

इस तरह इन सभी एक्सरसाइज तथा इलेक्ट्रिक मशीनों के उपयोग से इलाज करने पर मरीज को निश्चित ही फ़रोजन सोल्डर से आराम मिलता है। कुछ मरीजों में फ्रोजन शोल्डर की बीमारी 10 से 15 दिनों की लगातार फिजियोथेरेपी से ठीक हो जाती है। जबकि कुछ मरीज में है यह कुछ लंबा चल सकता है। फ्रोजन शोल्डर ट्रीटमेंट ड्यूरेशन आमतौर से मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।

इस आर्टिकल में हमने फ्रोजेन शोल्डर के बारे में जानकारी देने की दी है। अगर आप इस विषय में कुछ और जानना चाहते हैं या इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं। अगर यह लेख पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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