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हेपेटाइटिस सी क्या है। यह जानने से पहले हम आपको बेहद कम शब्दों में बताते हैं की लीवर क्या है। यहां लीवर के बारे में जानना ज़रूरी है। क्यों कि हेपेटाइटिस सी और लीवर का कनेक्शन है।

लीवर क्या है – Liver in Hindi

लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है। यह दाईं पसली के नीचे रहता है। इसका वजन 1.2 किलोग्राम तथा इसका आकार एक ओर से चिपके फुटबॉल की तरह होता है।

लिवर हमारे शरीर का बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है जो कि कई तरह के काम करता है। जो भी आप खाते या पीते हैं, उसे लिवर ऊर्जा तथा पोषक तत्वों में बदलता है। ताकि शरीर उसका उपयोग कर सके। इसके अलावा लिवर खून से हानिकारक तत्वों को भी हटाता है।

अब बात करते हैं कि हेपेटाइटिस सी क्या होता है। इसके अलावा हम इस लेख में बताएंगे कि हेपेटाइटिस सी के लक्षण क्या है। हेपेटाइटिस सी के कारण क्या हैं। हेपेटाइटिस सी की जानकारी भी विस्तार से देंगे। तो चलिए आगे बढ़ते हैं।

हेपेटाइटिस सी क्या होता है – Hepatitis c in hindi

हेपेटाइटिस सी लीवर की एक बीमारी है। यह हेपेटाइटिस सी वायरस (hepatitis c virus) के कारण होता है। हेपेटाइटिस सी वायरस लिवर को ठीक ढंग से काम करने में रुकावट पैदा करता है। एक्यूट हेपेटाइटिस सी, हेपेटाइटिस सी वायरस के संपर्क में आने के 6 महीने के अंदर हो जाता है। हालांकि एक्यूट हेपेटाइटिस सी की चपेट में आने वाले 15 से 20 प्रतिशत व्यक्ति 6 महीने के अंदर ही ठीक भी हो जाते हैं।

80 से 85 प्रतिशत व्यक्ति में हेपेटाइटिस सी क्रोनिक स्टेज में चला जाता है। यानी कि हेपेटाइटिस सी लंबे समय के लिए हो जाता है। Chronic Hepatits C के उचित इलाज न होने के कारण यह आगे चल कर सिरोसिस (लिवर की एक बीमारी). लीवर का कैंसर या लीवर फेल का कारण बन सकता है।

हेपेटाइटिस सी होने का अधिक खतरा किसे है?

हम आपको हेपेटाइटिस सी के बारे में बताएं। इससे पहले ये जाने की hepatitis c bimari उसे होने का खतरा है। जो कि संक्रमित खून के संपर्क में आया है। कोई भी व्यक्ति जिसके खून में हेपेटाइटिस सी वायरस आ गया है। वह इस बीमारी का शिकार बन जाता है। खून में यह हेपेटाइटिस सी वायरस निम्नलिखित स्तिथि में जा सकता है।

• संक्रमित खून के उपयोग से
• हेमोडायलिसिस की स्तिथि में
• असामान्य एएलटी लेवल
• हेपेटाइटिस सी संक्रमित निडिल या खून के सीधे संपर्क में आने से
• बच्चे के जन्म के समय मां के हेपेटाइटिस सी से पीड़ित होने से
• संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
• नशीली सुइयों के सेवन से

हेपेटाइटिस सी का लक्षण – Hepatitis c lakshan in hindi

हेपेटाइटिस सी के लक्षण (hepatitis c symptoms hindi) कई हैं। hepatitis c ke lakshan hindi mein हम आगे बता रहे हैं।

• अधिक्तर लोगों में हेपेटाइटिस सी वायरस होने के बाद भी कोई लक्षण नही दिखते हैं। अगर लक्षण दिखते हैं, तो वह निम्नलिखित तरह के होंगे।

• अत्यधिक थकान महसूस करना
• बुखार
• भूख न लगना
• मतली आना
• पेट दर्द
• पेशाब का बिल्कुल पिला होना
• मांसपेशियों में दर्द
• लीवर के पास पेट में दर्द होना
• जॉन्डिस

अधिक्तर मामलों में हेपेटाइटिस सी वायरस के शरीर में होने तथा इसके वृद्धि करने के बावजूद किसी तरह के लक्षण नही दिखते हैं। इस कारण यह सामान्य रूप से उचित समय पर जानकारी में नही आ पाता है। इस कारण यह Chronic Hepatitis C में बदल जाता है।

हेपेटाइटिस सी के लिए जांच – Hepatitis C Test

हेपेटाइटिस सी की जानकारी Hepatitis C Test के बाद कन्फर्म होती है। हेपेटाइटिस सी वायरस का पता लगाने के लिए खून जांच किया जाता है। इसी के आधार पर देखा जाता है कि हेपेटाइटिस सी एंटीबॉडी खून में है या नही। इसके अलावा निम्नलिखित जांच भी किया जाता है।

• हेपेटाइटिस सी एंटीबॉडी टेस्ट – यह जांच यह पता लगाने के लिए किया जाता है। कि शरीर ने हेपेटाइटिस सी वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाया है या नही।

यह टेस्ट दो प्रकार से किया जाता है।

  • एंटी हेपेटाइटिस सी वायरस इलाइसा – 3 (ELISA)
  • रिबा (RIBA)

हेपेटाइटिस सी पीसीआर टेस्ट – यह टेस्ट खून में हेपेटाइटिस सी वायरस की मौजूदगी तथा वायरस की संख्या का पता लगाने के लिए किया जाता है।

जेनोटाइपिंग – जेनोटाइपिंग टेस्ट का मुख्य उद्देश्य हेपेटाइटिस सी वायरस के प्रकार का पता लगाने के लिए किया जाता है। चूंकि इसके वायरस अलग – अलग प्रकार के हो सकते है। इस कारण जेनोटाइपिंग की मदद से वायरस के आरएनए से इसके प्रकार का निर्धारण किया जाता है।

लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) – KFT Test लिवर की स्तिथि का पता लगाने के लिए यह किया जाता है।
• लिवर का अल्ट्रासाउंड
• फाइब्रो स्कैन (लिवर का)

हेपेटाइटिस सी का इलाज – Hepatitis c treatment hindi

hepatitis c treatment hindi – 95 प्रतिशत मामलों में हेपेटाइटिस सी का इलाज 12 हफ्ते के दवाई द्वारा इसे बिल्कुल ठीक किया जा सकता है। हेपेटाइटिस सी की दवाइयां काफी कारगर साबित होते हैं। तथा इसे अधिक साइड इफेक्ट भी नही हैं।

Hepatitis c treatment के दौरान डॉक्टर के संपर्क में रहना काफी ज़रूरी है। तथा इस दौरान संभावित लिवर कैंसर के लिए भी 6 – 12 महीने के अंतराल पर जांच करवाते रहें। इसके अलावा डॉक्टर से हेपेटाइटिस बी तथा हेपेटाइटिस सी के टीके के बारे में भी अवश्य बात करें।

• हेपेटाइटिस सी होने की स्तिथि में हेपेटाइटिस सी की दवाइयां के साथ – साथ डॉक्टर आपको आराम करने. ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीने. संतुलित तथा पौष्टिक आहार लेने. तथा एल्कोहॉल के सेवन को बंद करने के लिए कह सकता है।

हेपेटाइटिस सी से बचाव के उपाय क्या हैं – Hepatitis C Prevention

हेपेटाइटिस सी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति भी एक सामान्य जीवन जी सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें निम्नलिखित बातों का ख्याल रखना आवश्यक है।

• पौष्टिक आहार का सेवन करें।
• नियमित रूप से व्यायाम करें तथा अधिक वजन न बढ़ने दें।
• थकान महसूस होने पर पर्याप्त मात्रा में आराम करें।
• केवल डॉक्टर द्वारा बताए गए दवाई का ही सेवन करें।
• नशीली दवाओं तथा एल्कोहॉल का सेवन न करें।
• नियमित रूप से लीवर के जांच करवाते रहें।
• डॉक्टर से हेपेटाइटिस बी तथा हेपेटाइटिस ए के टीके के बारे में ज़रूर बात करें।

हेपेटाइटिस सी को फैलने से रोकने के लिए क्या करें?

हेपेटाइटिस सी की रोकथाम कैसे होगा। इस पर अभी खोज जारी है। अभी तक हेपेटाइटिस सी वायरस से बचाव के लिए किसी तरह के टीके की खोज नही हुई है। इस लिए इससे बचाव का एक ही विकल्प है। वह है हेपेटाइटिस सी वायरस से संक्रमित खून के सीधे संपर्क में आने से बचाव ही है।

• हेपेटाइटिस सी की रोकथाम लिए एक ही निडिल का पुनः उपयोग न करें।

• अगर आप खून जांच इत्यादि के काम से जुड़े हुए हैं तो काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें।

• हमेशा सुरक्षित यौन संबंध बनाए

• अपने निजी उपयोग की वस्तुओं जैसे ब्रश, रेजर इत्यादि को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें।

• किसी भी तरह के खून को केवल ग्लव्स पहन कर ही छुएं।

हेपेटाइटिस सी से जुड़े कुछ मिथक और उसकी सच्चाई – Hepatitis C myths and facts in Hindi

मिथक – अगर आपको हेपेटाइटिस सी है तो प्रत्येक दिन कई ग्लास शराब पीने से लीवर पर कोई प्रभाव नही पड़ता है।

सच्चाई – हेपेटाइटिस सी लिवर को प्रभावित करता है। तथा लोवर पर ख़तरा बना रहता है। इस लिए इस स्तिथि में तो बिल्कुल एल्कोहॉल का सेवन नही करना चाहिए।

शोध से पता चला है कि अगर हेपेटाइटिस सी की स्तिथि में कोई व्यक्ति एल्कोहॉल का सेवन करता है। तो हेपेटाइटिस सी का इंफेक्शन काफी तेजी से बढ़ता है। इस कारण क्रोनिक हेपेटाइटिस सी लिवर सिरोसिस में बदल सकता है। इस कारण हेपेटाइटिस सी की दवाइयां भी असर काफी कम करती है।

मिथक – अगर आपको हेपेटाइटिस सी है तो संतुलित आहार लेने तथा व्यायाम करने से भी शरीर को कोई लाभ नही होता है।

सच्चाई – हेपेटाइटिस सी में क्या खाना चाहिए यह महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार लेने से वज़न बिल्कुल नियंत्रित रहता है। तथा ताकत भी बनी रहती है। पौष्टिक आहार लेने से लिवर और बेहतर काम करता है। ध्यान रखें कि मोटे व्यक्ति में हेपेटाइटिस सी वायरस अधिक तेजी से वृद्धि करता है।

मिथक – आपको भी हेपेटाइटिस सी का टीका लगाया जा चुका है।

सच्चाई – अब तक हेपेटाइटिस सी के टीके की खोज ही नही हुई है। इस लिए हेपेटाइटिस सी का टीका लगे होने की बात बिल्कुल गलत है।

मिथक – टॉयलेट सीट से के द्वारा भी आप हेपेटाइटिस सी वायरस के शिकार हो सकते हैं

सच्चाई – हेपेटाइटिस सी वायरस केवल सीधे संपर्क से ही फैलता है। यह या तो सीधे रक्त के संपर्क में आने से ही फैलता है। वहीं टॉयलेट सीट से संपर्क नही होता है। इस लिए टॉयलेट सीट के द्वारा हेपेटाइटिस सी वायरस के शिकार होने की संभावना काफी कम ही है।

याद रखें कि हेपेटाइटिस सी निम्नलिखित कारणों से नही फैलता है

• छींकने से
• खांसने से
• पानी पीने या खाने के बर्तन साझा करने से
• हांथ मिलाने से
• हांथ पकड़ने से
• गले लगाने से
• गाल पर चुंबन करने से
• बच्चों के साथ खेलने से

फिर भी Hepatitis C होने पर बचाव ज़रूरी है। कोशिश करें कि बाहरी व्यक्ति के संपर्क में कम से कम आया जाए। हेपेटाइटिस का इलाज पूरा सही तरीके से हो।

उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको हेपेटाइटिस हिंदी में समझ में आ गया होगा। Hepatitis c hindi me jankari पूरी मिली है। अगर आप hepatitis c hindi mai कुछ और जानना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

धन्यवाद

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