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हाइपोनेट्रिमिया क्या है- hyponatremia kya hota hai

हाइपोनेट्रिमिया एक बीमारी है। इस स्तिथि में खून में सोडियम की मात्रा काफी कम हो जाती है। आसान भाषा में कहें तो मानव शरीर में सोडियम क्लोराइड की कमी से हाइपोनेट्रिमिया की बीमारी होती है। ऐसा शरीर में पानी की मात्रा काफी अधिक बढ़ जाने के कारण होता है। हमारे शरीर में मौजूद विभिन्न इलेक्ट्रोलाइट में से सोडियम भी एक है।

शरीर में कोशिकाओं के बीच विद्युतीय संवेग (इलेक्ट्रिक इंपल्स) पहुंचाने का काम इलेक्ट्रोलाइट्स ही करते हैं। अगर इलेक्ट्रोलाइट न हो तो शरीर की कोशिकाएं ठीक ढंग से काम नही कर पाते हैं। इस लिए सोडियम की मात्रा कम होने से शरीर प्रभावित होता है।

हाइपोनेट्रिमिया होने का कारण – hyponatremia Cause in Hindi

hyponatremia का सबसे प्रमुख कारण शरीर में सोडियम की कमी (sarir me sodium ki kami) है। सामान्यतः जब शरीर में पानी की मात्रा काफी अधिक बढ़ जाती है तो व्यक्ति हाइपोनेट्रिमिया का शिकार हो जाता है। इसके अलावा निम्नलिखित कारणों से भी हाइपोनेट्रिमिया हो सकता है :

• हृदयघात (हर्ट फेल्योर) हो जाने पर
• लिवर सिरोसिस होने पर
• किडनी से जुड़ी बीमारी होने पर
• फेफड़े की बीमारी होने पर

● Diuretics जैसे हाइड्रो क्लोरो थायज़ाइड समेत कुछ ऐसी दवाइंया हैं, जिसके सेवन से काफी अधिक मात्रा में शरीर में मूत्र बनने लगता है। अधिक मूत्र त्याग करने के कारण व्यक्ति पानी भी काफी अधिक पीने लगता है, इस स्तिथि में भी शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने लगता है।

इसके अलावा कुछ निम्नलिखित कारण भी हाइपोनेट्रिमिया का कारण बन सकता है :

• अत्यधिक व्यायाम करने वाले व्यक्ति भी काफी अधिक मात्रा में पानी पीते हैं। यह हाइपोनेट्रिमिया का कारण हो सकता है।

• मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति भी काफी पानी पीते हैं।
• खून की कमी होने पर ( खास कर किसी दुर्घटना के बाद)

• अत्यधिक उल्टी या डायरिया होने पर

• असंतुलित आहार लेने से

हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण – Hyponatremia symptoms in hindi

हाइपोनेट्रिमिया के लक्षण निम्नलिखित हैं :

• मतली आना
• उल्टी होना
• काफी तेज़ सिर दर्द करना (हेडेक)
• भ्रम की स्तिथि
• सोंचने – समझने में समस्या आना
• काफी कमज़ोर या थका हुआ महसूस करना
• चिड़चिड़ापन महसूस करना
• कंपन्न
• मांसपेशियों की कमज़ोरी, कड़ापन या मांसपेशियों में ऐंठन

• कभी – कभी हाइपोनेट्रिमिया के कारण मस्तिष्क में सूजन तथा नसों का क्षतिग्रस्त हो जाना जैसे गंभीर समस्याएं भी उतपन्न हो सकती है।

हाइपोनेट्रिमिया की जांच – hyponatremia Diagnosis in hindi

इसकी जांच निम्नलिखित तरीके से की जाती है :

• खून जांच
• मूत्र जांच

इन जांचो के अलावा मरीज़ की उम्र, दिखने वाले लक्षण तथा मरीज़ की वर्तमान स्तिथि के आधार पर कुछ अन्य जांच भी करने पड़ सकते हैं।

हाइपोनेट्रिमिया का इलाज – hyponatremia treatment in hindi

हाइपोनेट्रिमिया के इलाज हाइपोनेट्रिमिया के कारण पर निर्भर करता है।

अगर हाइपोनेट्रिमिया किसी अन्य बीमारी जैसे हृदयघात (हर्ट फेल्योर) के कारण हुआ है तो हाइपोनेट्रिमिया के इलाज के साथ – साथ डॉक्टर हृदयघात का भी इलाज साथ में करेंगे।

इसके अलावा, हाइपोनेट्रिमिया के इलाज के लिए निम्नलिखित चीजें की जा सकती है :

• मरीज़ को कम पानी पीने की सलाह दी जा सकती है।
• मरीज़ को नमक की गोली खाने के लिए दिया जा सकता है। इसके अलावा नस के माध्यम से मरीज़ को नमक – पानी का घोल भी दिया जा सकता है।

नोट- इस लेख में बताई गई बातों को केवल जानकारी के तौर पर ही लें। इलाज संबंधित कोई भी फैसला डॉक्टर की सलाह पर ही लें।

धन्यवाद

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