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Obesity in hindi language – ओबेसिटी क्या है, मोटापा के कारण, ओबेसिटी के लक्षण, मोटापा का निदान

मोटापा बीमारी आम तौर से होने वाली बीमारी है। खास बात ये भी है कि इसे भारत में एक बीमारी के रूप में लिया भी नहीं जाता है। लेकिन मोटापा के नुकसान कई हैं। इस लिए मोटापा के बारे में जानना ज़रूरी है।

तो चलिए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि मोटापा क्या है। मोटापा कैसे कम करें। मोटापा घटाने के उपाय। मोटापा के उपचार, मोटापा के नुकसान, मोटापा के लक्षण। मोटापा में क्या खाना चाहिए, सब बताएंगे। इसके अलावा आपको हम definition of मोटापा तथा मोटापा surgery के बारे में बताएंगे।

मोटापा क्या है – What is Obesity in Hindi

शरीर में असामान्य रूप से अत्यधिक मात्रा में वसा (Fat) का जम जाना ही मोटापा है। मोटापा को ही अंग्रेज़ी में Obesity कहा जाता है। अगर आपके मन में भी ये सवाल आया होगा कि obesity ka hindi kya hoga. तो अब आपको इसका जवाब मिल चुका है। obesity disease hindi में आगे हम विस्तार से बता रहे हैं।

जब कोई व्यक्ति खर्च हुए कैलोरी से अधिक मात्रा में कैलोरी लेता है तो यह अधिक कैलोरी धीरे – धीरे शरीर में वसा के रूप में जमा होने लगता है। इस कारण ही व्यक्ति मोटापे का शिकार हो जाता है।

मोटापे का आकलन करने के लिए आईबीएम (IBM) (बॉडी मास इंडेक्स) तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक के द्वारा व्यक्ति की लंबाई तथा वजन के हिसाब से मोटापे का अनुपात निकाला जाता है। मोटापे को बताने के लिए आईबीएम तकनीक बिल्कुल सटीक है।

यह पुरूष एंव महिलाओं, दोनो के लिए ही समान रूप से लागू होता है। इसके अलावा इसकी सहायता से बच्चे तथा सभी उम्र के वयस्क का मोटापा जांचा जा सकता है। जब आईबीएम 30 से अधिक आता है तो उस व्यक्ति को पोटापे की श्रेणी में रखा जाता है।

मोटापा का बीएमआई – indian obesity BMI

अगर किसी व्यक्ति का आईबीएम 19.0 से 22.9 है तो वह बिल्कुल सामान्य है।

23.0 से 27.9 आईबीएम वाले व्यक्ति को अधिक वजन वाला माना जाता है।

28.0 से 32.4 आईबीएम वाले व्यक्ति मोटे की श्रेणी में आते हैं।

32.5 से 37.5 आईबीएम वाले व्यक्ति को काफी अधिक मोटे व्यक्ति की श्रेणी में रखा जाता है।

37.5 से अधिक आईबीएम की स्तिथि में व्यक्ति काफी मोटा होता है। इस स्तिथि में व्यक्ति कई अलग अलग बीमारियों का शिकार हो सकता है। उसे कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

50 से अधिक आईबीएम वाले व्यक्ति मोटापे के अंतिम श्रेणी के तहत आते हैं। यह बेहद ही खतरनाक स्तिथि है।

मोटापा के कारण – Cause of Obesity in Hindi

मोटापे का कारण कई हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं।

  • जेनेटिक कारण

आपका जीन (Genes) मोटापे में बड़ी भूमिका निभा सकता है। शरीर में जमा हुए फैट तथा उसके कैलोरी के रूप में खर्च को जीन बड़े स्तर पर प्रभावित कर सकता है। जीन इसमें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि आपका शरीर किस तरह से भोजन को ऊर्जा में बदलता है। तथा व्यायाम या सामान्य कार्य के दौरान कितनी कैलोरी जलता है।

  • शारिरिक निष्क्रियता

अगर आप किसी तरह का कार्य या व्यायाम नही करते हैं, तो इस स्तिथि में शरीर में फैट के जमने की आधी संभावना है।

  • नींद की कमी

आपके वजन को बढ़ाने तथा आपको मोटा बनाने में नींद की भी बड़ी भूमिका है। अगर आप रात में पर्याप्त मात्रा में नींद नही ले पाते हैं तो इससे हॉरमोन में बदलाव होते हैं। इस कारण आपको भूख अधिक लगने लगती है। आप अधिक मात्रा में कैलोरी तथा कार्बोहाइड्रेट लेने लगते हैं। इस कारण वजन बढ़ने लगता है।

मोटे व्यक्ति से जुड़े ख़तरे – Risk of obesity hindi

मोटापा के नुकसान कई हैं। जो कि निम्नलिखित हैं –

•मोटे व्यक्ति में टाईप – 2 के डायबिटीज होने की अधिक संभावना है।

• इसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है।

• हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो सकते हैं।

• हृदय रोग हो सकता है।

• स्ट्रोक का ख़तरा अधिक बढ़ जाता है।

• गर्भाशय, सर्विक्स, ब्रेस्ट, बड़ी आंत, मलाशय तथा प्रोस्टेट इत्यादि के कैसंर की अधिक संभावना रहती है।

• स्लिप एप्निया (सोने के दौरान सांस रुकने की समस्या) हो सकती है।

• गॉलब्लेडर की बीमारी का खतरा रहता है।

• स्त्रियों में बांझपन तथा अनियमित मासिक चक्र की समस्या हो सकता है।

• मोटापा पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन तथा अन्य यौन सम्बंधित रोग का कारण बन सकता है।

• व्यक्ति अवसाद का शिकार भी हो सकता है।

• अत्यधिक वजन बढ़ने से अपंगता आ सकती है।

• बचपन में ही मोटापे का शिकार होने वाले बच्चे वयस्क होने पर भी मोटापे का शिकार हो सकते हैं। ऐसे बच्चों में वयस्क होने से पहले ही मृत्यु या अपंगता का खतरा बना रहता है। मोटे बच्चों को निम्नलिखित समस्याओ का भी सामना करना पड़ सकता है।

सांस लेने में दिक्कत

हड्डियों के टूटने की अधिक संभावना

हाइपरटेंशन

इन्सुलिन का प्रभाव खत्म हो जाना

हृदय से जुड़ी बीमारी का खतरा

मानसिक रोग

इन सभी खतरों को आप मोटापा के लक्षण के रूप में भी ले सकते हैं। अगर ये समस्या हो और आपका वजन अधिक हो तो समझ लें कि ये सभी मोटापा के लक्षण (obesity symptoms in hindi) हैं।

मोटापा घटाने के उपाय या मोटापा कैसे कम करें

शुरुआत में मोटापे से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं।

रात में 8 बजे के बाद खाने से बचें।

लिफ्ट की जगह सीढ़ी का उपयोग करें।

फलों था सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें।

अधिक से अधिक शारीरिक रूप से किये जाने वाले काम करें।

रात में समय से सोएं तथा पूरी नींद लें।

मोटापा का इलाज – Obesity Treatment in Hindi

अगर आप जानना चाहते हैं कि मोटापा घटाने के उपाय क्या हैं। या मोटापा कैसे कम करें, तो बता दें कि इसके कई तरीके हैं।

जैसे कि आप खाना पीना कम करते हुए मोटापा कम कर सकते हैं। नियमित व्यायाम भी फायदेमंद है। अगर मोटापा काफी अधिक है तो फिर आपको डॉक्टर की मदद लेनी होगी। इसके अलावा आपको मोटापा surgery के द्वारा भी कम करवानी पर सकती है। मोटापा के लिए आमतौर से बेरियाट्रिक सर्जरी की जाती है।

बेरियाट्रिक सर्जरी के बारे में आप इस लिंक पर क्लिक कर के पूरी विस्तार से जान सकते हैं।

बेरियाट्रिक सर्जरी क्या है ?

धन्यवाद

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