• Tue. Sep 27th, 2022

पिछले कुछ सालों में लोगों के रहन-सहन में काफी बदलाव आया है। लोग अब ज्यादातर ऐसे काम करते हैं जिससे उनकी फिजिकल एक्टिविटी काफी कम हो गई है। इसका विपरीत प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। इसके अलावा जीवन शैली इस प्रकार की हो गई है कि वह भी स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इस कारण लगातार लोग तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित होते रहते हैं। इन्हीं बीमारियों में कमर का दर्द (Low Back pain in Hindi) भी शामिल है।

आंकड़ों के अनुसार लो बैक पेन यानी कमर का दर्द आज के समय में पूरी दुनिया में होने वाले दर्द में सर दर्द के बाद दूसरे नंबर पर है। 

एक सर्वे में यह बात भी सामने आई थी कि जितने भी लोग एक फिजीशियन के यहां जाते हैं, उनमें हर पांचवां मरीज कमर के दर्द (Low back pain) का ही होता है।

चलिए आज आपको इस आर्टिकल में लो बैक पेन हिंदी में (back pain in hindi) के बारे में बताएंगे। इसके साथ हम आपको बताएंगे कि लो बैक पेन के लिए इलाज क्या है। साथ ही kamar dard ki physiotherapy यानी फिजियोथेरेपी फॉर लो बैक पैन (physiotherapy for back pain in hindi) में बताएंगे।

तो kamar dard ka physiotherapy जानने के लिए तथा कमर दर्द का रामबाण इलाज जानने के लिए इस लेख को आखिर तक पढ़ें। 

लो बैक पैन इन हिंदी – Low Back pain in Hindi

kamar dard ke liye physiotherapy इलाज जानने से पहले कमर दर्द से जुड़ी कुछ तथ्यों पर नजर डालते हैं।

आंकड़ों के अनुसार लगभग कुल आबादी में 70 से 80% लोग अपने जीवन में एक ना एक बार कमर दर्द से जरूर ग्रसित होते हैं। इसके अलावा एक अन्य सर्वे में यह बात भी सामने आई थी कि पूरी दुनिया में जितने भी वयस्क (Adults) हैं, उनमें से लगभग 23% लोग क्रॉनिक लो बैक पेन (Chronic low back pain) से ग्रसित है।

लो बैक पैन क्या है – Definition of low back pain in Hindi

Low Back pain in hindi

लो बैक पेन को कई अलग-अलग तरीके से परिभाषित किया गया है। इसके एक परिभाषा के अनुसार Costal Margin के ठीक नीचे से लेकर Inferior Gluteal Folds के बीच होने वाले दर्द तथा असहजता (Pain and Discomfort) को ही बैक पैन कहा जाता है। 

इसकी एक अन्य परिभाषा ये है कि Rib Margin तथा Proximal things के ठीक पीछे (Posteriorly) होने वाले दर्द को बैक पेन कहा जाता है। 

कमर दर्द के प्रकार – types of back pain in Hindi

लो बैक पेन या kamar dard ka जो सबसे का सामान्य प्रकार है, उसे नॉन स्पेसिफिक लो बैक पेन (Non specific low back pain) कहा जाता है। इस प्रकार का दर्द ऐसा होता है जिसका कारण (Cause) नहीं मालूम होता है।
इसे पुनः तीन अन्य प्रकार में बांटा गया है –

 एक्यूट बैक पेन
 सब एक्यूट बैक पेन
 तथा क्रॉनिक लो बैक पेन

एक्यूट लो बैक पेन (Acute Low Back pain in Hindi) – ऐसा बैक पेन जो कि 6 हफ्ते या इससे कम समय से हो रहा है उसे Acute Low Back pain कहा जाता है।

सब-एक्यूट लो बैक पेन (Sub-Acute Low Back pain in Hindi) – वैसा कमर दर्द जो 6 हफ्ते से लेकर तथा 12 हफ्ते से हो रहा हो तो वह Sub-Acute Low Back pain की श्रेणी में आता है।

क्रॉनिक बैक पैन (Chronic Back pain in Hindi) – वैसा बैक पेन जो कि 12 हफ्ते या इससे अधिक समय से हो रहा हो तो उसे क्रॉनिक बैक पेन कहा जाता है। आमतौर से जिन्हें 3 महीने या इससे अधिक समय से बैक पेन है तो उसे क्रॉनिक बैक पेन की श्रेणी में रखा जाता है। 

आंकड़ों के अनुसार भी यह पता चलता है कि लगभग 88% मरीज क्रॉनिक लो बैक के ही होते हैं। इसकी वजह यह होती है कि ज्यादातर लोग शुरुआत में होने वाले कमर दर्द को इग्नोर कर देते हैं। इस कारण धीरे-धीरे यह बढ़ते हुए क्रॉनिक स्टेज में पहुंच जाता है तथा काफी समस्या खड़ी करता है।

Chronic Low Back Pain को ठीक होने में भी समय लगता है। अगर किसी मरीज को दर्द लगातार दो से 4 हफ्ते तक है तो उसे तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाना चाहिए। शुरुआत में इलाज कराने से काफी तेजी से फायदा होता है तथा भविष्य में भी इस समस्या के होने की संभावना काफी कम हो जाती है।

लो बैक पेन का इलाज या कमर दर्द का इलाज – Treatment for Low Back pain in Hindi

अगर कोई व्यक्ति बिल्कुल सामान्य है तथा उसे अचानक कुछ हफ्तों से back pain की समस्या आने लगी है तो ऐसे दर्द के इलाज के लिए फिजियोथेरेपी सबसे बेहतरीन माध्यम है। kamar dard ke liye physiotherapy First choice of treatment माना जाता है।


चलिए अब आपको हम आगे फिजियोथेरेपी फॉर बैक पैन के बारे में बताते हैं –


इलाज से पहले मरीज़ की जांच सबसे पहले ज़रूरी है। तो चलिए, पहले कमर दर्द के मरीज़ के असेसमेंट के बारे में जानते हैं।

लो बैक पैन असेसमेंट – Low Back Pain physiotherapy assessment in hindi

जैसे ही कोई मरीज फिजियोथेरेपिस्ट के पास आता है, सबसे पहले जरूरी है कि Physiotherapy for Low Back pain Treatment start करने से पहले मरीज की अच्छे से जांच की जाए।

जांच निम्नलिखित तरीके से की जाती है –

आमतौर से 88 से 90 परसेंट कमर दर्द का कारण पहले पता नहीं होता हैं। यानी कि ये नॉन स्पेसिफिक टाइप के बैक पेन होते हैं। फिर भी एक फिजियोथेरेपिस्ट को चाहिए कि वह मरीज से उसके पिछले कुछ बीमारियों के में के बारे में जानकारी ले।


मरीज से पूछे कि क्या कभी भी उसे चोट लगी है या उसका एक्सीडेंट हुआ है या कभी उस हिस्से में फ्रैक्चर हुआ है। इसके अलावा कैंसर, इंफेक्शन, इनकोलाइजिंग स्पॉन्डिलाइटिस इत्यादि के बारे में भी मरीज से पूछे तथा खुद भी जांच करें।

इसके अलावा कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी बैक पेन का कारण बनती है। जैसे कि स्पाइन इंजरी, रेडिक्यूलोपैथी कॉडल इक्विना सिंड्रोम इत्यादि। हालांकि यह काफी रेयर है।

अगर मरीज में ऊपर बताई गई कोई बीमारी नहीं मिलती है तो इसका मतलब है कि यह non specific low back pain श्रेणी में आने वाला दर्द है. तथा यहां से अब यहां से फिजियोथेरेपिस्ट देखें कि क्या किसी तरह का वीकनेस है।

इसके अलावा देखे की क्या मरीज़ में स्टिफनेस, साइकोलॉजिकल फैक्टर्स, डिप्रेशन या चलने से डर यानी फेयर ऑफ मोमेंट इत्यादि तो मरीज में नहीं है। इसके अलावा मरीज से उसके काम के बारे में भी पूछना जरूरी है। कई तरह के ऐसे काम है जोकि आमतौर से कमर दर्द का कारण बनता है। इन सब की अच्छे से जांच करने के बाद मिले कारण के आधार पर इलाज शुरू करें। 

फिजियोथेरेपी फॉर बैक पैन – physiotherapy for back pain in hindi

कमर दर्द का इलाज का मुख्य उद्देश्य होता है कि हर हाल में दर्द कम किया जाए तथा स्थिति को और ना बिगड़ने दिया जाए।

इसके बाद दर्द के कारण के आधार पर इलाज शुरू किया जाता है। इसके तहत कमर दर्द के लिए व्यायाम करवाए जाते हैं। तथा फिजियो थेरेपी मशीन का उपयोग भी किया जाता है। इससे मरीज को दर्द में काफी आराम मिलता है।

तो चलिए बारी-बारी से कमर दर्द के लिए व्यायाम तथा कमर दर्द का इलाज के बरे में जानते हैं –

कमर दर्द का इलाज (Physiotherapy kamar dard ka ilaj) मुख्य रूप से 2 तरीके से किया जाता है –


• एक्टिव फिजियो थेरेपी (Active Physiotherapy )
• पैसिव फिजियोथेरेपी (Passive Physiotherapy)

एक्टिव फिजियो थेरेपी (Active Physiotherapy for back pain in Hindi) –

एक्टिव फिजियोथेरेपी में फिजियोथेरेपिस्ट अलग-अलग तरीके के एक्सरसाइज (physiotherapy for back pain exercise) तथा स्ट्रेचिंग की मदद से मरीज का इलाज करते हैं। बैक पेन के इलाज में एक्टिव एक्सरसाइज काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

पैसिव फिजियोथेरेपी (Passive Physiotherapy in Hindi) –

पैसिव फिजियोथेरेपी के तहत मरीज के इलाज में अलग अलग तरीके के मशीन (Physiotherapy Machine for back pain) का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा हाइड्रोथेरेपी की सहायता से भी इलाज किया जाता है। 

इनके बारे में हम आगे विस्तार से बता रहे हैं

कमर दर्द के व्यायाम –  physiotherapy for back pain exercise in Hindi

फिजियोथेरेपिस्ट कमर दर्द का इलाज करने के लिए कई अलग अलग तरीके के एक्सरसाइज करवाते हैं। तथा कुछ मशीनों का भी उपयोग किया जाता है कमर दर्द के इलाज के लिए के लिए किए जाने वाले एक्सरसाइसेज यानी कमर दर्द के व्यायाम निम्नलिखित हैं –

Active Physiotherapy for Low back pain in Hindi

स्ट्रेचिंग फिजियोथेरेपी फॉर बैक पेन ( stretching exercise for back pain in Hindi)-

बैक पेन के इलाज में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज काफी मददगार साबित होता है। इसकी मदद से पिछले हिस्से के मांस पेशियों को स्ट्रेचिंग के माध्यम से एक्टिवेट किया जाता है। चूंकि बैक पेन की वजह से मरीज सामान्य तरीके से नहीं चल पाता है। इस कारण इन मसल्स का फंक्शन भी प्रभावित होता है।  इसी को फिर से पूरे फंक्शन में लाने के लिए स्ट्रेचिंग दी जाती है।

आमतौर से मरीज के लोअर बैक मसल्स (Lower Back Muscles), एब्डोमिनल मसल्स, Hip तथा पैरों के मांस पेशियों में स्ट्रैचिंग दिया जाता है। स्ट्रैचिंग के दौरान ध्यान दें कि मरीज स्थिर रहे तथा यह सभी स्ट्रैचिंग आराम से दिए जाएं। स्ट्रेचिंग के बारे में एक विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट को मालूम होता है। इसलिए मरीज को चाहिए कि वह भी कुछ स्ट्रैचिंग तकनीक सीख ले ताकि फिजियोथेरेपिस्ट के बताए अनुसार वह घर पर इसको दोहरा सके इससे कुछ हद तक रिकवरी तेजी से होती है।

डायनेमिक स्टेबलाइजेशन एक्सरसाइज (dynamic stabilization) –


इस एक्सरसाइज के तहत कई अलग-अलग तरह के एक्सरसाइज किए जाते हैं। इस में किए जाने वाले एक्सरसाइज, एक्सरसाइज बॉल, बैलेंसिंग मशीन तथा कुछ विशेष तकनीक की मदद से किए जाते हैं। इसे करने का मुख्य उद्देश्य स्पाइन को स्पोर्ट करने वाली मांसपेशियों को मजबूत करना होता है।

कोर स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज (Core strengthening exercise) –

इस तरह के एक्सरसाइज में विशेष तौर से एब्डोमिनल मसल्स तथा लोअर बैक मसल्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके तहत मरीज को Sit-ups, Leg raise इत्यादि करने के लिए कहा जाता है।

Low back exercise भी इसी का हिस्सा है। इसके तहत मरीज़ पेट के बल जमीन पर सीधा लेट जाता है। तथा पैर को जमीन में सोए हुए दोनों हाथों की मदद से अपने सर को ऊपर की ओर उठाता है। इस पोजीशन को हाइपरएक्सटेंशन कहा जाता है। इससे पीछे की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। 

Passive physiotherapy for low back pain in Hindi

जैसा कि पहले बताया गया है पैसे फिजियोथैरेपी के तहत कुछ प्रकार के मशीन तथा हाइड्रोथेरेपी में उपयोग किए जाने वाले तकनीकों का उपयोग किया जाता है, तो यह तकनीक निम्नलिखित हैं –

टेन्स मशीन (Tens for Low back pain) –
टेंस मशीन का उपयोग बैक पेन के लिए बड़े स्तर पर किया जाता है। इस मशीन के उपयोग से दर्द से काफी राहत मिलती है तो था मस्कुलर डेवलपमेंट भी होता है।

अल्ट्रासाउंड मशीन (Ultrasound Machine) –
टेंस मशीन की ही तरह
अल्ट्रासाउंड मशीन भी बैक पेन में फायदेमंद है। यह भी दर्द कम करता है।  अल्ट्रासाउंड मरीजों में स्पीड हीलिंग भी कराता है। हालांकि ध्यान दें कि टेंस मशीन तथा अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग केवल नॉन स्पेसिफिक बैक पेन ने ही किया जाता है।

हाइड्रोथेरेपी फॉर बैक पैन (Hydrotherapy) –
ऊपर बताए गए मशीनों के साथ-साथ हाइड्रोथेरेपी का भी उपयोग मरीज के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। हाइड्रोथेरेपी के तहत मरीज को दर्द वाले स्थान पर कुछ देर के लिए हाइड्रो कॉलेटरल रखा जाता है। इसके अलावा आइस पैक भी फायदेमंद साबित होता है। इनके उपयोग से भी मरीज को काफी आराम मिलता है।

कमर दर्द का इलाज कितने दिन चलता है – treatment duration for back pain in Hindi

अगर आप किसी फिजियोथेरेपिस्ट के पास एक्यूट बैक पेन यानी ऐसे बैक पेन के लिए गए हैं जो कि 6 हफ्ते से कम है तो ऐसे दर्द के लिए 1 हफ्ते से 2 हफ्ते के इलाज के बाद आपको आराम मिलने लगता है। लेकिन अगर आप क्रॉनिक बैक पेन के लिए गए हैं तो कम से कम नियमित रूप से 4 से 8 हफ्ते तक इलाज करवाना पड़ सकता है। इसके बाद ही आपको फायदा होगा।

ध्यान दें कि बीच में अगर आप इलाज छोड़ देते हैं। तो समय के साथ स्थिति और बिगड़ जाएगी तथा आपका दर्द और भी बढ़ने लगा।

एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि नन स्पेसिफिक बैक पेन के लिए फिजियोथैरेपिस्ट ही फर्स्ट चॉइस ऑफ ट्रीटमेंट माना जाता है। इसलिए आप को अगर बैक पेन है तो बिना किसी देरी किए अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाकर अपना इलाज शुरू कर वाले।

उम्मीद है इस आर्टिकल में हमने आपको बैक पेन के बारे में पूरी जानकारी दी है। कमर दर्द का इलाज इन हिंदी, कमर का दर्द के इलाज, कमर दर्द के उपाय, कमर दर्द के व्यायाम इत्यादि के अलावा अगर आप इस बारे में कुछ और जानना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

धन्यवाद

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2 thoughts on “फिजियोथेरेपी फॉर बैक पैन – कमर दर्द का इलाज – physiotherapy for back pain in hindi details”
  1. Sir / Mam
    I am feeling back from one year.
    Please send me some videos for exercise. If possible. For this I will be very much grateful to you.
    Thanks

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