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अक्सर हाथ टूटने के बाद मरीज को सर्जरी या प्लास्टर से गुजरना पड़ता है। अगर किसी मरीज को कोहनी के आसपास फ्रैक्चर है, या कोहनी के पास ही टूटता है तो ऐसी स्थिति में प्लास्टर करवानी पड़ती है। प्लास्टर लगवाने के बाद हड्डी के जुड़ने तक यानी अगले कुछ महीने तक इस हाथ को एक ही पोजीशन में प्लास्टर के सहारे रखा जाता है। एक ही जगह हाथ रहने की वजह से समय के साथ कोहनी के आसपास की मांसपेशियां कड़ी होने लगती है। इस कारण जब प्लास्टर कटता है तो मरीज को हाथ में कई दिक्कत होती है। सबसे बड़ी दिक्कत यह होती कि वह हाथ सीधा नहीं कर पाता है।

ऐसे में अब मरीज को हाथ का प्लास्टर कटने के बाद भौतिक चिकित्सा यानी Physiotherapy Treatment के लिए एक Physiotherapist के पास भेजा जाता है। हाथ टूटने के बाद व्यायाम लगातार करवाने से मरीज़ को काफी फायदा होता है।

physiotherapy for arm fracture – हाथ टूटने के बाद फिजियोथेरेपी

Post elbo fracture physiotherapy in Hindi

हाथ टूटने के बाद तथा प्लास्टर कटने के बाद मरीज को सबसे ज्यादा समस्या होती है, वह यह होते हैं कि वह अपना हाथ सीधा नहीं कर पाता है या अगर हाथ सीधा है तो हाथ मोड नहीं पाता है। इस स्थिति का मतलब होता है कि मरीज का जॉइंट रेंज ऑफ मोशन बिल्कुल खत्म हो गया है। साथ ही मांस पेशियां काफी करी हो गई है।

अब physiotherapist का मुख्य उद्देश यह होता है कि ज्वाइंट रेंज ऑफ मोशन को वापस लाया जाए। तथा मांसपेशियों को फिर से लचीला बनाया जाए। इसके अलावा कई मरीजों में हाथ टूटने के बाद दर्द की भी शिकायत होती है। ऐसे में फिजियोथेरेपिस्ट अलग-अलग तकनीकों के सहारे दर्द कम करने के लिए भी इलाज करते है।

हाथ टूटने के साथ कई बार कुछ लोगों का कोहनी के साथ-साथ कंधे में भी समस्या हो जाती है। यानी कि कंधे के पास से भी हाथ पूरी तरीके से मुड़ नहीं पाता है। ऐसे में इसका भी इलाज फिजियोथेरेपी में किया जाता है।

तो चलिए हम आपको बताते हैं कि हाथ टूटने के बाद भौतिक चिकित्सा के तहत कौन-कौन से इलाज दिए जाते हैं। अगर किसी मरीज का सर्जरी किया गया है तो फिर सर्जरी के दिन से या अगले दिन से ही फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका शुरू हो जाती है। नहीं तो प्लास्टर कटने के बाद फिजियोथेरेपिस्ट इलाज करते हैं।

Exercise to Range of Motion after Elbow Fracture – कोहनी टूटने के बाद रेंज ऑफ मोशन बढाने के लिए व्यायाम

हाथ टूटने के बाद जो सबसे बड़ी समस्या होती है वह कोहनी के पास से या कंधे के पास से हाथ का मोमेंट कम होने की वजह से रेंज ऑफ मोशन का कम होना होता है। रेंज ऑफ मोशन को बढ़ाना ही फिजियोथैरेपिस्ट का सबसे प्रमुख उद्देश्य होता है। इसके लिए physiotherapist अलग-अलग एक्सरसाइज मरीज को देते हैं। जिससे कि मरीज की स्थिति बेहतर होती है तथा रेंज ऑफ मोशन बढ़ता है। सबसे पहले रेंज ऑफ मोशन बढाने के लिए लिए मसाले स्पाजम को कम किया जाता है। इसके लिए हाइड्रोकॉलेटर पैड के साथ-साथ इलेक्ट्रो थेरेपी का भी सहारा लिया जाता है।

अगर मांसपेशियां बहुत ज्यादा करी हो गई हैं तो फिर एक्सरसाइज देने के साथ-साथ मरीज को स्प्लिंट भी दिया जा सकता है। स्पलिंट का काम यह होता है कि एक्सरसाइज के बाद वह हाथ को एक पोजीशन में रखने में मदद करता है। इससे मसल स्पाजम काफी कम होता है। एक बात ध्यान रखिए कि प्लास्टर कटने के बाद जितनी जल्दी फिजियोथेरेपी शुरू करेंगे, रेंज ऑफ मोशन (Range of Motion)उतनी ही जल्दी वापस आ जाता है।

Elbow Muscle Strength Exercises – मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए एक्सरसाइज

लंबे समय तक Joint की एक ही पोजिशन में रहने के कारण मांसपेशियां भी कड़ी होने के साथ-साथ कमजोर भी हो जाती हैं। ऐसे में प्लास्टर कटने के बाद आमतौर से मरीज को दर्द और सूजन हो जाता है। ऐसे में हाथ का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं कर पाता है। साथ ही हाथ के बाकी जॉइंट्स भी प्रभावित होते हैं। इसे ठीक करने के लिए मसल स्ट्रैंथ एक्सरसाइज दिया जाता है।

Muscle Strength Exercises के द्वारा मांसपेशियों को मजबूत करने की कोशिश होती है। इसका भी फायदा जल्दी देखने को मिलने लगता है। अगर हाथ टूटने के बाद मरीज की सर्जरी की गई है तो भी फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका काफी अहम हो जाती है। तब शुरू से ही फिजियोथेरेपी करवाने से मरीज को भविष्य में ज्यादा समस्याओं से नहीं गुजरना पड़ता है।

Elbow Pain Management – कोहनी का दर्द कम करने के लिए भौतिक चिकित्सा

हाथ टूटने के बाद तथा प्लास्टर कटने के बाद भी कुछ मरीज को जरा भी एक्टिविटी करने पर दर्द होता है। कुछ लोगों को काफी तेज दर्द महसूस होता है। ऐसे में फिजियोथैरेपिस्ट दर्द कम करने के लिए Electrotherapy Treatment का उपयोग करते हैं। अगर मरीज को दर्द हो रहा है तो मसल सिम्युलेटर तथा टेंस मशीन लगाया जा सकता है।

इन मशीनों के साथ-साथ शॉर्ट वेव डायथर्मी मशीन भी मरीज में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। ध्यान दें कि अगर मरीज की सर्जरी की गई है तब अब तथा हाथ में कोई इनप्लांट है यानी कि कोई मेटल लगाकर जॉइंट को फिक्स किया गया है, तो फिर शॉर्ट वेव डायथर्मी का उपयोग ना करें।

Elbos Scar Tissue Management – स्कार टिश्यू मैनेजमेंट

अगर मरीज की सर्जरी की गई है तो ऐसे में उस हिस्से में स्कार टिशु फॉरमेशन होने लगता है। इसलिए सर्जरी के कुछ दिनों बाद फिजियोथेरेपी शुरू करवानी चाहिए ताकि इसका टिशू फॉरमेशन ना हो और फिजियोथेरेपिस्ट अलग-अलग तकनीकों के सहारे तथा मोबिलाइजेशन का प्रयोग करते हुए मोबिलिटी को बेहतर बनाए रखें।

ध्यान देखिए ऊपर जो बताए गए हैं जो कुछ पॉइंट है इनके अंदर बहुत सारे अलग-अलग तरीके के एक्सरसाइज करवाए जाते हैं, जो कि एक विशेषज्ञ फिजियोथैरेपिस्ट को मालूम होता है।

हाथ फ्रैक्चर के बाद फिजजियोथेरेपी कितने दिन करवानी पड़ती है?

अगर किसी का हाथ फैक्चर हुआ है और प्लास्टर कटने के कुछ ही दिन बाद फिजियो थेरेपी शुरू हो जाती है तो 15 से 20 तीनों हो या 1 महीने के अंदर अंदर काफी हद तक रेंज ऑफ मोशन लौट आता है। तथा बाकी समस्याओं से भी मुक्ति मिल जाती हैं। हालांकि कुछ लोगों में रेंज ऑफ मोशन लौटने में समय लग सकता है, क्यों के अलग-अलग मरीजों में रिकवरी रेट अलग-अलग होती है। इसी तरह अगर मरीज को कंधे की समस्या है तो समय और अधिक लग सकता है। आमतौर से Physiotherapy Treatment 3 से 4 महीने तक भी चल सकता है।

अगर आप इस बारे में कोई और बात पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपने सवाल पूछ सकते हैं।

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2 thoughts on “exercises for elbow fracture in Hindi : कोहनी फ्रैक्चर के लिए भौतिक चिकित्सा – प्लास्टर काटने के बाद क्या करे”
  1. सर मेरे बेटे का वाये हाथ मै एलबो के उपरी हिसे मै फ्रेक्चर हो गया था तार लगाया गया था एलबो जाम हो गया है पिछले 45 दिन से फिजियोथैरेपी करवा रहे है पर अभी भी हाथ पुरा नही मुडता है न पुरा सीधा होता है क्या करे ?

    1. ऐसी स्थिति में अगर फिजियोथेरेपी ठीक ढंग से किया जाए तो हाँथ पूरी तरह फ्री हो जाता है।
      45 दिनों तक फिजियोथेरेपी करवाने के बाद तो पहले की अपेक्षा आराम मिलना चाहिए था। अगर इतने दिनों के बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ रहा है तो कहीं न कहीं इलाज में कुछ गड़बड़ी है।

      इस मामले में उचित सलाह रिपोर्ट देखने के बाद ही दी जा सकती है।
      अगर आप इस पर सलाह चाहते हैं तो नीचे दिए गए नंबर पर व्हाट्सएप्प या टेलीग्राग द्वारा मरीज़ का एक्सरे (X-ray) और रिपोर्ट भेजिए।
      ऐड फिजियो (Aid Physio के विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट आपको उचित सलाह देंगे।
      नंबर – +91 9430929462
      धन्यवाद

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