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बोन मैरो क्या है – bone marrow kya hai

बोन मैरो को हिंदी में अस्थिमज्जा कहा जाता है। यह एक स्पंजी ऊतक (टिस्यू) है जो कि हमारे शरीर की हड्डियों के बीच में मौजूद रहता है। बोन मैरो ही हमारे शरीर में रक्त कोशिकाओं (ब्लड सेल्स) का निर्माण करता है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट क्या है – bone marrow transplant hindi meaning

बोन मैरो ट्रांसप्लांट को स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (Stem cell transplant) के नाम से भी जाना जाता है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट इलाज की एक प्रक्रिया है। इसके तहत मरीज़ के खराब हो चुके बोन मैरो को किसी अन्य व्यक्ति या मरीज़ के ही स्वस्थ बोन मैरो से बदल दिया जाता है। जब कैंसर के इलाज के लिए अधिक मात्रा में कीमोथेरेपी करने की आवश्यकता होती है, तो उस स्तिथि में भी बोन मैरो ट्रांसप्लांट यानी अस्थिमज्जा प्रत्यारोपण किया जाता है।

• बोन मैरो ट्रांसप्लांट के प्रकार – Types of bone marrow transplant in Hindi

बोन मैरो ट्रांसप्लांट निम्नलिखित आधार पर बांटा जा सकता है।

• डोनर के आधार पर – Types of bone marrow Donor

  • अगर बोन मैरो मरीज़ के ही शरीर से लिया गया है तो इसे ऑटोलॉगस ट्रांसप्लांट (autologous transplant) जाता है। इस प्रकार का बोन मैरो ट्रान्सप्लांट सामान्यतः उस स्तिथि में किया जाता है, जब कैंसर के इलाज के लिए अधिक मात्रा में कीमोथेरेपी देने की आवश्यकता होती है। यह ट्रांसप्लांट इस लिए किया जाता है क्यों कि कीमोथेरेपी के कारण बड़ी मात्रा में ब्लड सेल्स को नुकसान होता है।
  • अगर बोन मैरो मरीज़ के शरीर से न ले कर किसी अन्य व्यक्ति से लिया गया है तो इसे एलोजेनिक ट्रांसप्लांट (allogeneic transplant) कहा जाता है।

एलोजेनिक ट्रान्सप्लांट को पुनः निम्नलिखित भाग में बांटा गया है।

  • मैच्ड सिबलिंग डोनर ट्रांसप्लांट (match sibling Donor transplant) – इसमें ट्रांसप्लांट के लिए बोन मैरो मरीज़ के भाई या बहन से लिया जाता है। यानी इसमें डोनर मरीज़ का भाई या बहन होते है।
  • मैच्ड अनरिलेटेड डोनर ट्रांसप्लांट (match unrelated Donor transplant) – इसमें डोनर परिवार के बाहर का व्यक्ति होता है।
  • हेप्लॉयडेंटिकल ट्रांसप्लांट ( haploidentical transplant in Hindi ) – जब किसी से भी मरीज़ का बोन मैरो नही मिल पाता है, तो इस स्तिथि में परिवार का कोई सदस्य जैसे मां, पिता या रिश्ते के भाई/बहन इत्यादि का बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयोग किया जाता है।

  • लिम्फोसाइट डिप्लेटेड हेप्लॉयडेंटिकल स्टेम सेल ट्रांसप्लांट – इस प्रक्रिया के तहत किसी खास कोशिकाओं को ही मरीज़ के शरीर में डाला जाता है।
  • कॉर्ड ब्लड ट्रांसप्लांट – इस प्रक्रिया के तहत बच्चे के जन्म के समय सुरक्षित किए गए कॉर्ड ब्लड से स्टेम सेल जमा कर के मरीज़ को डाला जाता है।

• बोन मैरो को जमा करने का तरीका – procedure of bone marrow collection in Hindi

  • पेरिफेरल स्टेम सेल कलेक्शन ( peripheral stem cell collection in Hindi ) – इस प्रक्रिया में स्टेम सेल डोनर के रक्त से जमा किया जाता है।
  • बोन मैरो हार्वेस्ट ( bone marrow harvest ) – इसमें स्टेम सेल्स सीधे डोनर के बोन मैरो से ही निकाला जाता है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट किस स्तिथि में होता है – indication of bone marrow transplant in Hindi

निम्नलिखित स्तिथि उतपन्न होने पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाता है।

निम्नलिखित स्तिथि में ऑटोलॉगस ट्रांसप्लांट किया जाता है।

• न्यूरोब्लास्टोमा
• रिप्लेसड इविंग्स सार्कोमा
• रिप्लेसड लिम्फोमस
• मल्टीपल मायलोमा
• रिप्लेसड जर्म सेल ट्यूमर
• ऑटोइम्यून डिसऑर्डर
• मेडुलोब्लास्टोमा

निम्नलिखित स्तिथि में एलोजेनिक ट्रांसप्लांट किया जाता है

• थैलेसीमिया
• सिकल सेल अनीमिया
• सीवियर अप्लास्टिक अनीमिया
• ल्यूकेमिया
• इनहेरिटेड मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
• प्राइमरी इम्युनोडिफिशिएंसी डिसऑर्डर
• लिम्फोमा

धन्यवाद

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